ट्रैफिक पुलिस, आरटीओ और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने किया निरीक्षण; बच्चों की सुरक्षा को लेकर बढ़ाई सतर्कता
बच्चों की स्कूल वापसी से पहले बिलासपुर प्रशासन ने सतर्कता दिखाते हुए 200 से अधिक स्कूल बसों की जांच की। यह पहल सुरक्षा के प्रति सजगता का संकेत है। बसों के दस्तावेज, फिटनेस, और स्वास्थ्य परीक्षण को लेकर अधिकारियों ने जागरूकता बढ़ाने का काम भी किया।
बिलासपुर। बिलासपुर सहित पूरे प्रदेश में 16 जून से स्कूल खुलने जा रहे हैं। बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ट्रैफिक पुलिस, आरटीओ और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने बुधवार को 200 से अधिक स्कूल बसों की व्यापक जांच की। यह अभियान बच्चों की सुरक्षित परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाया गया।
सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक पुलिस लाइन परिसर में आयोजित इस शिविर में अधिकारियों ने बसों की फिटनेस, बीमा, परमिट, पीयूसी, स्पीड गवर्नर, और अन्य सुरक्षा उपकरणों की स्थिति की गहन समीक्षा की। यह पहली बार हुआ जब इतनी बड़ी संख्या में स्कूल बसों की एक ही दिन में जांच की गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर मौजूद ड्राइवरों और सहायक स्टाफ का ब्लड प्रेशर और शुगर परीक्षण किया। अधिकारियों ने कहा कि आगे आने वाले शिविरों में आँख और कान की जांच भी शामिल की जाएगी ताकि स्कूल बस संचालन में लगे कर्मचारियों की पूरी सेहत सुनिश्चित की जा सके।
ट्रैफिक एएसपी रामगोपाल करियारे ने बताया कि स्कूल बच्चों की सुरक्षा को लेकर विभाग पूरी तरह सजग है। सभी स्कूल बस संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी तरह की दस्तावेजी कमी या तकनीकी त्रुटि को समय पर सुधारें। उन्होंने यह भी कहा कि विभाग जागरूकता और जिम्मेदारी को प्राथमिकता दे रहा है।
इस संयुक्त अभियान के दौरान जहां खामियां मिलीं, वहां बस संचालकों को सुधार के लिए चेतावनी दी गई और उन्हें आवश्यक दस्तावेज शीघ्र पूरा करने का समय दिया गया। इससे यह संदेश गया कि प्रशासन बच्चों की सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं करेगा।
यह पहल न केवल छात्रों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन की प्रभावी योजना को दर्शाती है, बल्कि इससे समाज में सुरक्षा के प्रति जागरूकता और जवाबदेही भी बढ़ी है। भविष्य में भी ऐसे निरीक्षण जारी रहेंगे जिससे स्कूली परिवहन को और बेहतर व सुरक्षित बनाया जा सके।