राज्यपाल के अकेले जिलों में बैठक लेने पर बैज का तंज— क्या राष्ट्रपति शासन लग गया है?
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए छत्तीसगढ़ में ‘जंगलराज’ की स्थिति का आरोप लगाया है। रायपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उन्होंने रेत माफियाओं की सक्रियता, राज्यपाल द्वारा अफसरों के साथ अलग-अलग जिलों में बैठक, गरीबों के घर तोड़े जाने और बांग्लादेशी घुसपैठ जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरा। साथ ही उन्होंने भाजपा की आगामी बैठक को ‘विफलता की समीक्षा’ बताया।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने एक बार फिर राज्य की भाजपा सरकार को घेरते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने दावा किया कि राज्य में जंगलराज की स्थिति बन चुकी है और रेत माफियाओं का आतंक बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं पर मुख्यमंत्री या गृहमंत्री कोई प्रतिक्रिया नहीं देते, जिससे यह सवाल उठता है कि राज्य में वास्तव में सत्ता किसके हाथ में है।
दीपक बैज ने राज्यपाल के हालिया जिलों के दौरे और अफसरों के साथ की जा रही बैठकों को लेकर कहा, “क्या छत्तीसगढ़ में राष्ट्रपति शासन लागू हो गया है?” उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राज्यपाल यदि कुछ मुद्दों पर असहमति रखते हैं, तो उन्हें मुख्यमंत्री के साथ बैठक करनी चाहिए थी, न कि अकेले अधिकारियों से। इसका मतलब साफ है कि राज्यपाल को खुद ही अपनी सरकार पर भरोसा नहीं रहा।
रायगढ़ में गरीबों के घर तोड़े जाने के मुद्दे पर कांग्रेस जल्द बड़ा आंदोलन करने की तैयारी में है। बैज ने कहा कि सड़क निर्माण के नाम पर गरीबों को बेघर कर दिया गया है, जबकि कुछ बिल्डर और प्रभावशाली लोगों के हितों की रक्षा की गई है। उन्होंने इसे ‘असंवेदनशील प्रशासन’ की मिसाल बताया।
बांग्लादेशी घुसपैठियों की गिरफ्तारी पर बैज ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, “केंद्र में 11 साल से मोदी सरकार है, फिर भी घुसपैठ हो रही है।” उन्होंने व्यंग्यपूर्वक मुख्यमंत्री और गृहमंत्री को ‘केंद्र की पोल खोलने’ के लिए धन्यवाद भी दिया।
प्रदेश भाजपा की बड़ी बैठक को लेकर उन्होंने कहा, “यह बैठक भाजपा की डेढ़ साल की विफलताओं की समीक्षा के लिए बुलाई गई है।” बैज ने आरोप लगाया कि प्रदेश के कई भाजपा विधायक और मंत्री अवैध रेत, कोयला और लोहा कारोबार में लिप्त हैं, और यही वजह है कि सरकार का रिपोर्ट कार्ड पूरी तरह फेल हो चुका है।