हैदराबाद के नकली हॉस्पिटल प्रोजेक्ट में भिलाई की महिला से ठगे लाखों, फॉर्च्यूनर व महंगे सामान में उड़ाए पैसे, दुर्ग पुलिस ने ट्रांजिट रिमांड पर पकड़ा
तेलंगाना के एक ठग ने भिलाई की महिला को हैदराबाद के फर्जी हॉस्पिटल प्रोजेक्ट में डायरेक्टर बनाने का झांसा देकर 60 लाख रुपये की ठगी की। आरोपी ने महिला को दूसरे का प्रोजेक्ट दिखाकर झांसे में लिया और फिर रकम हड़पकर फरार हो गया। मामले में सुपेला पुलिस ने उसे ट्रांजिट रिमांड पर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
भिलाई। हॉस्पिटल डायरेक्टर बनने का सपना दिखाकर ठगी गई 60 लाख की रकम, आरोपी हैदराबाद से धराया। भिलाई की रहने वाली विनीता गुप्ता से तेलंगाना निवासी सिद्धार्थ गौड़ा ने एक बड़े हॉस्पिटल प्रोजेक्ट में डायरेक्टर पद का झांसा देकर 60 लाख रुपये की ठगी कर ली। आरोपी ने खुद को मेडिकल इंडस्ट्री का बड़ा कारोबारी बताया और हैदराबाद में प्रोजेक्ट साइट भी दिखाई — जो असल में किसी और का था।
विनीता ने 2023 में आरोपी से मुलाकात के बाद धीरे-धीरे कई किश्तों में बैंक ट्रांसफर के ज़रिए 60 लाख रुपए दे दिए। बाद में जब वह प्रोजेक्ट साइट पर पहुंचीं तो असली सच्चाई सामने आई — न तो कोई हॉस्पिटल प्रोजेक्ट था, न ही वादा किया गया डायरेक्टर पद। धोखाधड़ी के इस मामले में महिला ने अक्टूबर 2024 में सुपेला थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। जांच में पता चला कि आरोपी सिद्धार्थ गौड़ा ठगी के पैसों से फॉर्च्यूनर कार, महंगे मोबाइल और अन्य लक्जरी सामान खरीद चुका था।
दुर्ग पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी सिकंदराबाद के साइबराबाद इलाके में छिपा हुआ है। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे गिरफ्तार किया और ट्रांजिट रिमांड पर दुर्ग लाकर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ पहले से भी कई धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं, जिनमें गाचीबावली थाने में मामले लंबित हैं। पुलिस अब ठगी की रकम की रिकवरी और अन्य पीड़ितों की जानकारी जुटाने में लगी हुई है।