SP विजय अग्रवाल की निगरानी में चला 1 माह का सघन अभियान, 80% सफलता के साथ सैकड़ों परिवारों में लौटी मुस्कान
दुर्ग जिले में “ऑपरेशन तलाश” के तहत पुलिस ने गुमशुदा लोगों को खोजकर 807 परिवारों को राहत दी है। 1 जून से 30 जून तक चले इस अभियान में महिला-पुरुषों को न सिर्फ छत्तीसगढ़ बल्कि अन्य राज्यों से भी खोज निकाला गया। अभियान की सफलता ने पुलिस के मानवीय पहलू को भी उजागर किया है।
दुर्ग। जिले में पिछले एक महीने से चल रहे “ऑपरेशन तलाश” ने उम्मीदों से बढ़कर परिणाम दिए हैं। पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल के नेतृत्व में जिले भर के थानों ने 807 गुमशुदा लोगों को खोजकर उनके परिजनों से मिलवाया, जिससे कई घरों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी।
जिला पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, सबसे ज्यादा गुमशुदा लोग थाना जामुल (100), दुर्ग (72) और सुपेला (62) क्षेत्रों से बरामद हुए। अभियान के तहत 80% सफलता दर प्राप्त हुई, जो पुलिस की सजगता और संवेदनशीलता को दर्शाता है।
अन्य राज्यों से भी की गई तलाश
इस ऑपरेशन में छत्तीसगढ़ के भीतर से 530 तथा देश के अन्य राज्यों से 277 लोगों को खोजा गया। इनमें थाना पुलगांव से 36, पाटन 23, मोहन नगर 21, खुर्सीपार 26, सुपेला 48, जामुल 24 और नेवई 13 जैसे थानों ने प्रमुख भूमिका निभाई।
मानव तस्करी सेल की सक्रिय भूमिका
छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर गठित मानव तस्करी सेल के साथ सभी थानों के अधिकारियों और डीसीबी शाखा ने मिलकर अभियान को सटीक रूप में अंजाम दिया। सतत निगरानी और समन्वय के चलते यह अभियान बेहद सफल साबित हुआ।
चेहरों पर लौटी मुस्कान
परिजनों से मिलकर भावुक हुए कई गुमशुदा लोगों ने पुलिस का आभार जताया। पुलिस के इस मानवीय पहल ने साबित किया कि तकनीक, समर्पण और संगठनात्मक एकता से असंभव भी संभव हो सकता है।