मुर्गी को बचाने उतरे बड़े भाई के पीछे कूदा छोटा भाई, जहरीली गैस से दोनों बेहोश होकर कुएं में डूबे
बिलासपुर के करही कछार गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना में दो सगे भाइयों की जान चली गई। एक भाई कुएं में गिरी मुर्गी को बचाने उतरा और जहरीली गैस के चलते बेहोश होकर डूब गया। उसे बचाने छोटा भाई भी कूद पड़ा, लेकिन वह भी उसी जहर का शिकार हो गया। इस हादसे ने पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया।
बिलासपुर। बिलासपुर जिले के बेलगहना थाना क्षेत्र स्थित करही कछार गांव में गुरुवार शाम दर्दनाक हादसे में दो सगे भाइयों की मौत हो गई। घर की बाड़ी में बने कुएं में एक मुर्गी गिरने पर बड़ा भाई दिलीप पटेल (40) उसे निकालने नीचे उतरा, लेकिन कुएं में जहरीली गैस के कारण वह बेहोश हो गया और पानी में डूब गया। उसे डूबता देख छोटा भाई दिनेश पटेल (35) उसे बचाने के लिए कुएं में कूद गया, परंतु वह भी गैस के प्रभाव से बेहोश होकर डूब गया। आसपास के लोगों और परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।

गैस ने दी मौत की दस्तक
चौकी पुलिस और SDRF की टीम मौके पर पहुंची। कुएं में जहरीली गैस की पुष्टि तब हुई, जब पुलिस ने रस्सी में दीया बांधकर कुएं में उतारा—जो कुछ दूरी पर ही बुझ गया। इसके बाद ही सुरक्षा उपकरणों के साथ टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और रात करीब 9:30 बजे दोनों के शव बाहर निकाले।
जानलेवा होती है सड़न से बनी गैस
रसायन शास्त्री डॉ. हेमंत कश्यप के अनुसार, कुएं में गिरी सूखी पत्तियां, जीवांश और खरपतवार के विघटन से मीथेन और कार्बन डाई ऑक्साइड जैसी जहरीली गैसें बनती हैं। ये गैसें हवा से भारी होती हैं, जिससे कुएं जैसे बंद स्थानों में इकट्ठा हो जाती हैं और सांस लेने पर व्यक्ति बेहोश हो सकता है।
ग्रामीणों को चेतावनी
पुलिस और विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि ऐसे हादसों से बचने के लिए कुएं में उतरने से पहले दीया या लालटेन से गैस की जांच करें। यदि दीया बुझ जाए, तो तुरंत सावधानी बरतें और खुद कुएं में न उतरें।