बढ़े हुए बिजली दरों के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन तेज, बैज बोले- ‘साय सरकार जेब पर डाल रही डाका’; मुख्यमंत्री बोले- गरीब और किसानों पर नहीं पड़ेगा असर
छत्तीसगढ़ में बिजली दरों में बढ़ोतरी को लेकर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस ने शनिवार को राजधानी रायपुर में बिजली कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर बिलों की प्रतियां जलाईं और सरकार पर गरीबों की जेब काटने का आरोप लगाया। वहीं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट किया कि बढ़ी दरों का असर आम गरीब और किसानों पर नहीं पड़ेगा।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में बिजली दरों में बढ़ोतरी को लेकर राजनीतिक तापमान चरम पर है। राजधानी रायपुर के बूढ़ापारा स्थित CSPDCL कार्यालय के बाहर शनिवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और बिजली बिलों की प्रतियां जलाकर नाराजगी जताई।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने प्रेस वार्ता में कहा कि “साय सरकार जनता की जेब पर डाका डाल रही है। यह चौथी बार है जब बिजली दरों में वृद्धि की गई है। भाजपा शासन में जनता पर लगातार आर्थिक बोझ डाला जा रहा है।”
बैज ने राज्य की बिजली व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा, “कोयला, पानी, जमीन सब हमारा है, फिर भी हमें महंगी बिजली क्यों दी जा रही है? भाजपा शासन में बिजली कटौती और दरों में बढ़ोतरी आम हो गई है। कांग्रेस इस मुद्दे पर चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगी।”
वहीं, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, “बिजली दरों में मामूली बढ़ोतरी हुई है। गरीबों और किसानों को इसका असर नहीं झेलना पड़ेगा। घरेलू उपयोग के लिए मात्र 10-20 पैसे प्रति यूनिट और किसानों के लिए 50 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि हुई है।”
उन्होंने यह भी बताया कि सरकार 3 HP तक के पंपों पर 3000 यूनिट मुफ्त बिजली दे रही है, जिसकी भरपाई सरकार स्वयं करती है। गरीब उपभोक्ताओं को भी हॉफ बिजली योजना का लाभ मिल रहा है।