अरपापार में दिन में मेंटेनेंस के नाम पर कटौती, रात में फीडर फॉल्ट से ब्रेकडाउन; अफसर न फोन उठाते, न समाधान देते
बिलासपुर शहर में इन दिनों बिना बारिश या आंधी के भी बिजली की आंखमिचौली ने आम जनता को बुरी तरह परेशान कर रखा है। कभी मेंटेनेंस तो कभी ब्रेकडाउन के नाम पर बिजली विभाग घंटों सप्लाई बंद कर रहा है। दिन में जबरन कटौती की जा रही है, तो रात में अचानक फॉल्ट की वजह से अघोषित बिजली गुल हो रही है। इससे गर्मी और उमस के बीच नागरिकों की रातें भी बेचैनी में गुजर रही हैं।
बिलासपुर। शहर में इन दिनों बिजली विभाग की लापरवाही ने आम लोगों की जिंदगी मुश्किल कर दी है। न आंधी आई, न बारिश हुई, फिर भी बिजली की आपूर्ति बार-बार बाधित हो रही है। अरपापार क्षेत्र में मंगलवार को विभाग ने ‘अति आवश्यक कार्य’ का हवाला देकर सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक बिजली काट दी। इसके बाद भी रात 11 बजे अचानक ब्रेकडाउन हुआ और फिर बिजली गुल हो गई।

बंधवापारा फीडर में आई खराबी
बिजली विभाग के सब इंजीनियर संतोष देवांगन ने जानकारी दी कि बंधवापारा फीडर में 11 केवी की लाइन में तकनीकी खराबी आ गई है। कर्मचारी रातभर फॉल्ट ढूंढ़ने में लगे रहे, लेकिन देर रात 2 बजे तक भी समस्या का समाधान नहीं हो सका।
उमस में तड़पती रही जनता
इस अघोषित बिजली कटौती से लोग खासे परेशान हैं। गर्मी और उमस में पंखे-कूलर ठप हो जाने से बुजुर्ग, बच्चे और बीमार लोगों की हालत खराब रही। स्थिति ये है कि कब बिजली जाएगी और कब आएगी—इसका कोई भरोसा नहीं।
फोन नहीं उठाते अधिकारी
सबसे चौंकाने वाली बात ये रही कि बिजली विभाग के अधिकारी शिकायत करने पर भी फोन नहीं उठाते। कई क्षेत्रों में वीआईपी कॉलोनी तक अघोषित कटौती देखने को मिल रही है। बिजली व्यवस्था पूरी तरह आउटसोर्स कर्मचारियों पर निर्भर है, जिससे समय पर फॉल्ट सुधार नहीं हो पाता।
लोगों में नाराजगी
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि विभाग केवल कागजों में हाईटेक हो चुका है, जमीनी हकीकत आज भी बदहाल है। हर साल गर्मी में मेंटेनेंस के नाम पर दिन-दिन भर बिजली काटी जाती है, और फिर बारिश आते ही सप्लाई पूरी तरह अनिश्चित हो जाती है।