संविधान मूल्यों की रक्षा और सामाजिक समरसता को लेकर मोर्चा सक्रिय, जिला स्तर तक विस्तार की योजना
दुर्ग के शंकर नगर स्थित मनवा कुर्मी भवन में एससी-एसटी-ओबीसी संयुक्त मोर्चा छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई, जिसमें प्रदेश कार्यकारिणी का गठन किया गया और अगस्त के पहले सप्ताह में राज्य स्तरीय सम्मेलन आयोजित करने का निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया।
दुर्ग। एससी-एसटी-ओबीसी संयुक्त मोर्चा छत्तीसगढ़ की एक अहम बैठक रविवार को शंकर नगर स्थित मनवा कुर्मी भवन में संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कौशल वर्मा ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय सचिव अनिल मेश्राम उपस्थित रहे। बैठक में संगठन के विस्तार और कार्ययोजना पर व्यापक चर्चा हुई।
प्रदेश कार्यकारिणी गठन को लेकर सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया और अगस्त माह के प्रथम सप्ताह में राज्य स्तरीय सम्मेलन आयोजित करने का निर्णय लिया गया। कार्यक्रम की शुरुआत में भारतीय संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
राष्ट्रीय सचिव अनिल मेश्राम ने कहा कि यह मोर्चा गैर-राजनीतिक सामाजिक संगठन है, जिसका उद्देश्य संविधान के मूल उद्देश्यों की रक्षा और वंचित वर्गों के अधिकारों की प्राप्ति के लिए संघर्ष करना है। उन्होंने कहा कि मोर्चा डॉ. ओम सुधा के नेतृत्व में संविधान और सामाजिक न्याय की रक्षा की दिशा में कार्यरत रहेगा।
प्रदेश अध्यक्ष कौशल वर्मा ने कार्यभार स्वीकार करते हुए कहा कि डॉ. अंबेडकर द्वारा अनुच्छेद 340, 341 और 342 में जिन वर्गों को आरक्षण के माध्यम से सशक्त किया गया है, उन सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करना उनका प्रमुख लक्ष्य होगा। उन्होंने शीघ्र ही सभी जिलों का दौरा कर समन्वय स्थापित करने और जिला अध्यक्षों की नियुक्ति करने की घोषणा की।
नवगठित प्रदेश कार्यकारिणी में शामिल पदाधिकारी:
- उपाध्यक्ष: मुकुंद बंसोड, शगुन वर्मा
- महासचिव: रमेश पटेल
- कोषाध्यक्ष: इंजी. अरुण बघेल
- सचिव: नरेन्द्र खोब्रागड़े
- संगठन सचिव: प्रेमशंकर साहू
- संयुक्त सचिव: उषा ठाकुर
- प्रचार सचिव: विनोद सेन, लक्ष्मीनारायण कुंभकार
विधिक सलाहकार: एडवोकेट मनोज मून, एडवोकेट मनोज वर्मा, एडवोकेट देवेंद्र साहू
इस बैठक में रोशन वर्मा, डी.एल. वर्मा, धरमपाल वर्मा, ईश्वर वर्मा, दीनानाथ वर्मा सहित कई सामाजिक प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया और संगठन की आगामी योजनाओं को समर्थन दिया।