- मणिपुर हिंसा पर प्रधानमंत्री की चुप्पी पर उठाए सवाल
- बीजेपी-आरएसएस पर संविधान बदलने की कोशिश का आरोप
- कांग्रेस और भाजपा की कार्यशैली की तुलना
- कर्नाटक सरकार को लेकर बीजेपी के दावों को बताया झूठा
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मैसूरु में एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। मणिपुर में जारी जातीय हिंसा को लेकर प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल खड़े करते हुए उन्होंने कहा कि पीएम 42 देशों की यात्रा कर सकते हैं, लेकिन मणिपुर जाना जरूरी नहीं समझा।
मैसूरु (कर्नाटक)। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शनिवार को कर्नाटक के मैसूरु में आयोजित एक जनसभा में केंद्र की मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने मणिपुर में एक साल से अधिक समय से जारी जातीय हिंसा का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘चुप्पी’ पर सवाल उठाया। खरगे ने तंज कसते हुए कहा, “प्रधानमंत्री 42 देशों की यात्रा कर चुके हैं, लेकिन अब तक मणिपुर जाना जरूरी नहीं समझा। क्या मणिपुर भारत का हिस्सा नहीं है?”
खरगे ने कहा कि मणिपुर के हालात बेहद चिंताजनक हैं, लेकिन प्रधानमंत्री ने वहां जाकर लोगों के आंसू पोंछने की कोई कोशिश नहीं की। उन्होंने केंद्र सरकार की निष्क्रियता पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो सरकार एक राज्य की पीड़ा नहीं समझती, वह जनता की भलाई कैसे करेगी?
अपने संबोधन में खरगे ने भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर संविधान को कमजोर करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने दावा किया, “बीजेपी और आरएसएस संविधान को बदलने की मंशा रखते हैं, लेकिन देश की जागरूक जनता ऐसा नहीं होने देगी।”
कांग्रेस बनाम भाजपा की कार्यशैली की तुलना करते हुए खरगे ने कहा, “हम काम करते हैं, वे सिर्फ बातें करते हैं।” उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने हमेशा जनहित को प्राथमिकता दी है और देश के विकास के लिए ठोस कदम उठाए हैं।
कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर वित्तीय संकट के लगाए जा रहे भाजपा के आरोपों को भी खरगे ने खारिज किया। उन्होंने कहा, “बीजेपी कह रही है कि सिद्धारमैया सरकार कंगाल हो गई है, लेकिन यह झूठ है। हमारी सरकार राज्य को विकास के रास्ते पर आगे ले जा रही है।”