घोंघा व अरपा भैंसाझार जलाशय भी लबालब, बढ़ती भीड़ को लेकर पुलिस सतर्क, पर्यटकों को अलाउंसमेंट कर किया जा रहा अलर्ट
बिलासपुर जिले में मानसून की जबरदस्त बारिश के बाद अधिकांश जलाशय अपनी अधिकतम क्षमता पर पहुंच चुके हैं। खूंटाघाट, घोंघा और अरपा भैंसाझार डैम पूरी तरह भर चुके हैं और वेस्ट वियर से पानी छलकने लगा है। प्राकृतिक नजारे देखने पहुंचे पर्यटकों की भीड़ को देखते हुए पुलिस ने मोर्चा संभाल लिया है और लगातार माइक से अलाउंसमेंट कर लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने की चेतावनी दी जा रही है। कलेक्टर ने खूंटाघाट बांध के गेट 3 अगस्त को खोलने का आदेश जारी किया है।
बिलासपुर। लगातार हो रही भारी बारिश ने बिलासपुर जिले के जलाशयों को पूरी तरह भर दिया है। जिले का प्रमुख खूंटाघाट (खारंग जलाशय) 106.76% जलस्तर पर पहुंच चुका है और वेस्ट वियर से पानी का बहाव शुरू हो गया है। घोंघा जलाशय 101.89% और अरपा भैंसाझार बैराज भी क्षमता से अधिक पानी समेटे हुए है।
यह लगातार चौथा वर्ष है जब जुलाई के अंत में ही डैम का वेस्ट वियर छलकने लगा है। प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने के लिए भारी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। लेकिन हादसों की आशंका को देखते हुए पुलिस ने डैम क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी है। माइक से सतत अनाउंसमेंट कर लोगों को जलधारा के पास न जाने की अपील की जा रही है।

कलेक्टर संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित जल उपयोगिता समिति की बैठक में फैसला लिया गया है कि 3 अगस्त को खूंटाघाट डैम के गेट खोल दिए जाएंगे। बाएं मुख्य नहर से 100 क्यूसेक और दाएं मुख्य नहर से 50 क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा ताकि सिंचाई क्षेत्र को लाभ मिल सके। जिले में 1,25,181 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई का लक्ष्य रखा गया है।
इस बार मानसून ने समय से पहले दस्तक दी और जुलाई में अच्छी बारिश के चलते कई कॉलोनियों और गांवों में पानी भर गया। कई ग्रामीण क्षेत्रों में रास्ते बंद हो गए, खेत तालाबों में तब्दील हो गए और नालों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई।
पुलिस की सख्ती से शांत हुआ कोरी डेम इलाका
कोटा स्थित कोरी डेम में पहले असामाजिक तत्वों की गतिविधियां आम थीं, लेकिन थाना प्रभारी तोपसिंह नवरंग के नेतृत्व में चलाए गए अभियान से शराबखोरी, जुआ व हुड़दंग पर नियंत्रण पा लिया गया है। अब यह स्थान परिवारों के लिए शांतिपूर्ण पिकनिक स्थल बनता जा रहा है।
अब तक आधा दर्जन से अधिक असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई की जा चुकी है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई अवैध गतिविधि करते पाया गया, तो सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। सोशल मीडिया पर भी हाल ही में पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई का वीडियो वायरल हुआ है।
इतिहास से जुड़ी कुछ झलकियाँ:
- 2011 में 7 सितंबर से 31 दिन तक ओवरफ्लो हुआ।
- 2014 में 6 अगस्त से 25 दिन तक पानी छलका।
- 2020, 2021, 2022 और 2023 में भी डैम लबालब हुआ था।
- इस वर्ष भी जुलाई के अंत में ओवरफ्लो की स्थिति बनी है।