प्रधानमंत्री की पहल से बढ़ा छत्तीसगढ़ का रेलवे नेटवर्क, बस्तर से लेकर डोंगरगढ़ और जबलपुर तक कनेक्टिविटी को मिला नया विस्तार
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से मध्यप्रदेश के जबलपुर के बीच आज से एक नई एक्सप्रेस ट्रेन सेवा की शुरुआत हो गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने इस रेलसेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। नई कनेक्टिविटी से यात्रियों को न केवल तेज़ और सुविधाजनक यात्रा का विकल्प मिलेगा, बल्कि व्यापार, पर्यटन और शिक्षा के क्षेत्र में भी नए अवसर खुलेंगे।
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की दूरदर्शी सोच और विशेष पहल के तहत छत्तीसगढ़ को एक और बड़ी सौगात मिली है। रायपुर से जबलपुर के बीच नई एक्सप्रेस ट्रेन सेवा की शुरुआत राजधानी के रेलवे स्टेशन से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर की। इस अवसर पर दोनों नेताओं ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं और इसे क्षेत्रीय विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
इस शुभारंभ के मुख्य कार्यक्रम का आयोजन गुजरात के भावनगर में किया गया, जहां से केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव, मनसुख मांडविया और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव वर्चुअली जुड़े। साथ ही रीवा-पुणे और भावनगर-अयोध्या एक्सप्रेस सेवाओं का भी शुभारंभ हुआ।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह नई रेल सेवा प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ का रेल बजट पिछले 10 वर्षों में 21 गुना तक बढ़ा है और इस साल राज्य को 6,900 करोड़ रुपए का आवंटन प्राप्त हुआ है। राज्य में वर्तमान में 47,000 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से विभिन्न रेल परियोजनाएं संचालित हो रही हैं। अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत 32 स्टेशनों को आधुनिक स्वरूप दिया जा रहा है।
उन्होंने विशेष रूप से बस्तर क्षेत्र का जिक्र करते हुए कहा कि नक्सल प्रभावित इस क्षेत्र में रेलवे का विस्तार सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन की नींव रखेगा। रावघाट-जगदलपुर सहित कई परियोजनाएं इस दिशा में मील का पत्थर साबित होंगी।
डॉ. रमन सिंह ने इस रेल सेवा को छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के बीच की दूरी को कम करने वाला एक सशक्त माध्यम बताया। उन्होंने बताया कि यह ट्रेन रायपुर से जबलपुर की दूरी मात्र 8 घंटे में तय करेगी, जिससे व्यापार, पर्यटन और स्थानीय आवागमन को बड़ा लाभ होगा। उन्होंने कहा कि स्टेशन पुनर्विकास योजना के अंतर्गत रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग जैसे बड़े स्टेशनों में सुविधाएं लगातार बेहतर की जा रही हैं।
यह नई ट्रेन रायपुर, गोंदिया, बालाघाट, नैनपुर और जबलपुर जैसे शहरों को जोड़ती है, जो अपने धार्मिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक महत्व के लिए प्रसिद्ध हैं। डोंगरगढ़ का माँ बमलेश्वरी मंदिर, भेड़ाघाट का धुआंधार जलप्रपात और कान्हा नेशनल पार्क जैसे स्थलों तक पहुंचना अब आसान होगा। ट्रेन में कुल 15 कोच होंगे, जिसमें एसी चेयर कार, सामान्य कोच और पावर कोच शामिल हैं।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार गाड़ी संख्या 11701 रायपुर से दोपहर 2:45 बजे रवाना होकर रात 10:45 बजे जबलपुर पहुंचेगी, जबकि वापसी में गाड़ी संख्या 11702 सुबह 6:00 बजे जबलपुर से चलकर दोपहर 1:50 बजे रायपुर आएगी। इस अवसर पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक तरुण प्रकाश, डीआरएम दयानंद समेत कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। यह सेवा क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करने के साथ-साथ यात्रियों के लिए सुविधाजनक, सुरक्षित और तेज़ परिवहन विकल्प भी प्रदान करेगी। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।