नेशनल कॉन्फ्रेंस के लिए 25 हजार, इंटरनेशनल के लिए 50 हजार रुपए; पहले आओ, पहले पाओ आधार पर मिलेगी मंजूरी, सीमित संख्या में डॉक्टर होंगे लाभान्वित
पं. दीनदयाल उपाध्याय हेल्थ साइंस एंड आयुष विश्वविद्यालय ने मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों के लिए नई वित्तीय सहायता योजना शुरू की है। इसके तहत नेशनल कॉन्फ्रेंस में जाने पर 25 हजार और इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस के लिए 50 हजार रुपए तक की मदद दी जाएगी, लेकिन संख्या और राशि—दोनों पर पाबंदी रहेगी।
रायपुर। पं. दीनदयाल उपाध्याय हेल्थ साइंस एंड आयुष विश्वविद्यालय ने मेडिकल कॉलेज के फैकल्टी डॉक्टरों को देश-विदेश की कॉन्फ्रेंस, सेमिनार, वर्कशॉप और रिसर्च प्रोग्राम में भाग लेने के लिए आर्थिक मदद देने का निर्णय लिया है। नए सर्कुलर के अनुसार, इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में शामिल होने के लिए डॉक्टरों को अधिकतम 50 हजार और नेशनल कॉन्फ्रेंस के लिए 25 हजार रुपए प्रदान किए जाएंगे। यह सुविधा पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर दी जाएगी।
विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि एक वित्तीय वर्ष में किसी भी कॉलेज के केवल 20% डॉक्टरों को ही इस योजना का लाभ मिलेगा। साथ ही, प्रति वर्ष 10 नेशनल और 5 इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस को ही स्वीकृति दी जाएगी। विश्वविद्यालय का मानना है कि इन आयोजनों में डॉक्टर अपने जटिल मामलों और शोध कार्यों को प्रस्तुत करते हैं, जिससे चिकित्सा शिक्षा और उपचार की गुणवत्ता में सुधार होता है।
हालांकि, कुछ डॉक्टरों ने इस राशि को नाकाफी बताया है। उनका कहना है कि इंटरनेशनल यात्रा का हवाई टिकट ही अधिकांश राशि खा जाएगा, शेष खर्च उन्हें खुद वहन करना होगा। फिर भी, विवि का मानना है कि यह पहल डॉक्टरों को अकादमिक मंचों पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने और चिकित्सा जगत में नेटवर्क बढ़ाने का अवसर देगी।