- चार सूत्रीय लंबित मांगों पर हड़ताल की चेतावनी
- सुखत राशि भुगतान और धान परिवहन में सुधार प्रमुख मुद्दा
- 502 समितियों के 2000 से अधिक कर्मचारी संगठित हुए
छत्तीसगढ़ में सहकारी समिति के कर्मचारी और अधिकारी धान खरीदी के नए सीजन से पहले सरकार को चेतावनी दे रहे हैं। दुर्ग संभाग के 502 समितियों के लगभग 2000 कर्मचारी दुर्ग के मानस भवन के पास प्रदर्शन कर अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन आंदोलन की संभावना जताई हैं। कर्मचारी संघ का कहना है कि यदि उनकी चार सूत्रीय लंबित मांगों को पूरा नहीं किया गया, तो आगामी धान खरीदी में बहिष्कार होगा।
दुर्ग। कर्मचारियों ने अपनी चार सूत्रीय लंबित मांगों में मुख्य रूप से दो मुद्दों पर जोर दिया है। पहला, वर्ष 2023-24 और 2024-25 की सुखत राशि का भुगतान समितियों को तुरंत किया जाए। दूसरा, धान परिवहन में किसी प्रकार की देरी न हो और खरीदी केंद्रों में शून्य शॉर्टेज पर प्रोत्साहन राशि का प्रावधान किया जाए।
समितियों की वित्तीय स्थिति पर असर:
छत्तीसगढ़ सहकारी समिति कर्मचारी महासंघ और समर्थन मूल्य धान खरीदी ऑपरेटर संघ ने संयुक्त रूप से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, सहकारिता मंत्री केदार कश्यप और वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी को ज्ञापन सौंपा है। कर्मचारी संघ ने कहा कि पिछले साल की तरह इस बार भी कई वादे अधूरे रह गए, जिससे समितियों की वित्तीय स्थिति पर बुरा असर पड़ा है। प्रदेश की 2058 समितियां और 2739 उपार्जन केंद्र किसानों की सेवा में काम कर रहे हैं, लेकिन धान परिवहन में देरी और मिलरों द्वारा उठाव न करने से लगातार नुकसान हो रहा है।
सुरक्षा और सुखत राशि पर पेनाल्टी का विवाद:
मार्कफेड द्वारा भुगतान से पहले सुरक्षा और सुखत व्यय की राशि काटी जाती है, जबकि धान के उठाव में देरी की पेनाल्टी शासन खुद रखता है। इसके कारण समिति कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल पाता।
शून्य शॉर्टेज पर प्रोत्साहन राशि की मांग:
कर्मचारी संघ ने बताया कि दिसंबर 2024 में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कोर कमेटी की बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए थे, लेकिन विभागीय स्तर पर अब तक उनका पालन नहीं हुआ। विशेष रूप से खाद्य विभाग का 12 दिसंबर 2024 का पत्र, जिसमें समितियों को सुखत राशि देने का निर्देश था, अभी तक अमल में नहीं आया।
- कर्मचारी संघ का आग्रह:
कर्मचारी संघ ने सरकार से दो प्रमुख मांगें दोहराई हैं: - धान खरीदी वर्ष 2023-24 और 2024-25 की सुखत राशि तुरंत समितियों को प्रदान की जाए।
- धान परिवहन में किसी भी प्रकार की देरी न हो और खरीदी केंद्रों में शून्य शॉर्टेज पर प्रोत्साहन राशि का प्रावधान किया जाए।
- सरकार को चेतावनी:
संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को अनदेखा किया गया, तो आगामी धान खरीदी सीजन में बहिष्कार और अनिश्चितकालीन आंदोलन की राह अपनाई जाएगी।