आपत्तिजनक टिप्पणी से भड़का आक्रोश, सैकड़ों लोगों ने रैली निकालकर कलेक्ट्रेट का घेराव किया
छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के अध्यक्ष अमित बघेल द्वारा महाराज अग्रसेन और भगवान झूलेलाल को लेकर की गई विवादित टिप्पणी के विरोध में बिलासपुर में सिंधी समाज सड़कों पर उतर आया। बुधवार को समाज के सैकड़ों लोगों ने कलेक्ट्रेट का घेराव करते हुए अमित बघेल की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की। इस दौरान पूरे शहर में “अमित बघेल मुर्दाबाद” और “धर्म का अपमान बंद करो” के नारे गूंजते रहे।
बिलासपुर। सुबह से ही सिंधी समाज के युवा, महिलाएं और बुजुर्ग बड़ी संख्या में नेहरू चौक पर एकत्र हुए। वहां से सभी ने रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। भीड़ हाथों में बैनर-पोस्टर लिए अमित बघेल के बयान के खिलाफ नारेबाजी करती रही।
समाज के पदाधिकारियों ने कहा —
“महाराज अग्रसेन और भगवान झूलेलाल केवल सिंधी समाज के ही नहीं, बल्कि समरसता और सेवा के प्रतीक हैं। उनके प्रति अपमानजनक भाषा का प्रयोग समाज के सम्मान पर प्रहार है।”
‘हम भारतीय हैं, किसी से प्रमाण नहीं चाहिए’
प्रदर्शन के दौरान समाज के वरिष्ठ सदस्यों ने कहा कि सिंधी समाज हमेशा राष्ट्रहित और सामाजिक सौहार्द के लिए खड़ा रहा है।
“हम सिंध प्रांत से आए जरूर हैं, पर हम पाकिस्तानी नहीं — हम भारतीय हैं। हमें देशभक्ति का प्रमाण देने की जरूरत नहीं। अमित बघेल जैसे लोग समाज में वैमनस्य फैलाना चाहते हैं।”
कलेक्टर के नाम सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शन के अंत में समाज के प्रतिनिधिमंडल ने डिप्टी कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। कलेक्टर संजय अग्रवाल के अनुपस्थित रहने के कारण ज्ञापन उनके नाम पर दिया गया।
ज्ञापन में मांग की गई कि अमित बघेल द्वारा की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के लिए तत्काल गिरफ्तारी की जाए और कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में कोई भी धार्मिक या सामाजिक प्रतीक का अपमान न कर सके।
प्रदेशभर में बढ़ रहा विरोध
इससे पहले रायपुर, रायगढ़ और सरगुजा में भी अग्रवाल और सिंधी समाज ने अमित बघेल के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी। रायपुर पुलिस ने 28 अक्टूबर की रात BNS की धारा 299 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
अब बिलासपुर में हुआ यह प्रदर्शन पूरे प्रदेश में इस विवाद को और उग्र बना सकता है।