पुरानी रंजिश और वर्चस्व संघर्ष में चली गोलियां; निष्कासित युवा नेता मास्टरमाइंड, दो नाबालिग भी शामिल
बिलासपुर में राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई खूनी संघर्ष में बदल गई। जनपद उपाध्यक्ष नीतेश सिंह पर कार्यालय के बाहर नकाबपोश शूटरों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी। जवाबी फायरिंग के चलते हमला नाकाम रहा और हमलावर भाग निकले। पुलिस ने 24 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी निष्कासित युवा नेता विश्वजीत अनंत सहित 7 लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
बिलासपुर। मस्तूरी क्षेत्र में मंगलवार रात जनपद पंचायत उपाध्यक्ष और कांग्रेस नेता नीतेश सिंह पर फायरिंग की गई। नकाबपोश बदमाशों ने उनके कार्यालय में घुसकर करीब 14 राउंड गोलियां चलाईं। इस हमले में पूर्व सरपंच चंद्रकांत सिंह और राजकुमार सिंह घायल हुए। दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
CCTV फुटेज में दो शूटर बाइक से आते दिखाई दिए। एक बाइक सवार ने सड़क से गोलियां चलाईं, जबकि दूसरा उतरकर कार्यालय की ओर बढ़ा और लगातार फायरिंग करने लगा। मौके पर मौजूद लोगों ने कुर्सियाँ फेंककर जवाब दिया और नीतेश सिंह ने भी पलटवार करते हुए फायरिंग की, जिसके बाद हमलावर फरार हो गए।
पुलिस ने मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के अंदर 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया। मुख्य आरोपी निष्कासित युवा नेता विश्वजीत अनंत बताया गया है। उसके दो भाई, दो सहयोगी और दो नाबालिग भी साजिश में शामिल पाए गए। पुलिस ने आरोपियों से दो देसी पिस्तौल, एक कट्टा, मैगजीन, गोलियां और मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
जांच में सामने आया कि यह हमला पुरानी रंजिश और बदला लेने की साजिश का नतीजा था। दो साल पहले शहर में हुए एक विवाद में नीतेश पर विश्वजीत ने हमला करने का आरोप लगाया था। उस घटना के बाद से दोनों गुटों में तनाव चल रहा था। इसी दुश्मनी के चलते वारदात को अंजाम दिया गया।
इस घटना ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी है और कानून-व्यवस्था तथा राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता पर सवाल खड़े हो गए हैं।