केंद्रीय कैबिनेट ने औपचारिक स्वीकृति दी; अगले 18 महीनों में आयोग रिपोर्ट सौंपेगा; सैलरी और पेंशन में हो सकती है बंपर बढ़ौतरी
दिवाली और छठ पूजा के बीच केंद्रीय कैबिनेट ने करोड़ों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को राहत देने वाला बड़ा फैसला लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में 8वें वेतन आयोग को औपचारिक मंजूरी दे दी गई। आयोग अब 18 महीनों के भीतर अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपेगा, जिसके आधार पर सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की सैलरी और पेंशन संरचना में बड़ा बदलाव संभव है।
नई दिल्ली। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इस फैसले से करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारी और लगभग 69 लाख पेंशनभोगियों को सीधे लाभ मिलेगा, जिसमें रक्षा सेवाओं के कर्मी भी शामिल हैं।
कौन होंगे आयोग में शामिल
सरकार ने सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई को आयोग का चेयरपर्सन नियुक्त किया है। उनके साथ IIM बैंगलुरु के प्रोफेसर पुलक घोष और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव पंकज जैन सदस्य होंगे। यह टीम केंद्र सरकार को वेतन, भत्ते और पेंशन से संबंधित सिफारिशें तैयार कर सौंपेगी।
मंत्री वैष्णव ने बताया कि सरकार ने इस आयोग को जनवरी 2025 में ही सैद्धांतिक स्वीकृति दे दी थी। इसके बाद विभिन्न मंत्रालयों और विभागों—खासकर रक्षा, गृह और रेलवे—से सुझाव लिए गए। आयोग के गठन से पहले कई राज्य सरकारों से भी राय ली गई ताकि इसकी सिफारिशें व्यापक और व्यावहारिक हों।
आयोग अब अगले डेढ़ साल (18 महीने) में अपनी अनुशंसा केंद्र सरकार को सौंपेगा। रिपोर्ट तैयार होने के बाद इसे कैबिनेट के सामने मंजूरी के लिए रखा जाएगा। सूत्रों के अनुसार, आयोग की सिफारिशें 2027 से लागू हो सकती हैं, जिससे सरकारी कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन में बड़ा उछाल संभव है।