माओवादी नेटवर्क पर कसा शिकंजा; लेवी वसूली से जुड़े दस्तावेज, पत्र, नकदी और डिजिटल उपकरण बरामद—अब तक 27 आरोपी गिरफ्तार
2023 के अरनपुर IED ब्लास्ट में माओवादी भूमिका की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने शुक्रवार को दंतेवाड़ा और सुकमा जिलों में 12 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। कार्रवाई में लेवी वसूली से जुड़े दस्तावेज, पत्र, नकदी और डिजिटल डिवाइस बरामद हुए हैं। यह वही मामला है जिसमें IED विस्फोट में 11 जवान शहीद हुए थे।
दंतेवाड़ा/सुकमा। अरनपुर IED ब्लास्ट मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने शुक्रवार को नक्सली नेटवर्क को निशाने पर लेते हुए दंतेवाड़ा और सुकमा जिलों में 12 ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई प्रतिबंधित CPI (माओवादी) संगठन द्वारा 2023 में किए गए IED विस्फोट और घात लगाकर किए गए हमले से जुड़े इनपुट के आधार पर की गई। 26 अप्रैल 2023 को दंतेवाड़ा के अरनपुर में नक्सलियों ने IED ब्लास्ट कर जवानों से भरी गाड़ी को उड़ा दिया था। इस हमले में चालक सहित 11 जवान शहीद हो गए थे। मामला गंभीरता को देखते हुए NIA को सौंपा गया। उसी जांच को आगे बढ़ाते हुए एजेंसी ने शुक्रवार को संदिग्धों के ठिकानों पर समन्वित कार्रवाई की।
बरामद सामग्री से खुल रहे माओवादी नेटवर्क के लिंक
- NIA की प्रेस रिलीज के अनुसार छापेमारी के दौरान:
- लेवी वसूली से संबंधित रसीदें
- माओवादी संपर्कों और गतिविधियों से जुड़े हस्तलिखित पत्र
- नकदी
- और संदिग्धों के डिजिटल उपकरण बरामद किए गए हैं। एजेंसी के अनुसार यह सभी सामग्री CPI (माओवादी) कैडरों द्वारा अंजाम दिए गए हमले से जुड़े व्यक्तियों तक पहुंच का संकेत देती है।
जांच जारी, अब तक 27 गिरफ्तार
NIA ने इस केस में अब तक 27 आरोपियों की गिरफ्तारी की है और दो आरोपपत्र दाखिल किए जा चुके हैं। हालांकि जांच अभी जारी है और एजेंसी का कहना है कि बरामद सामग्री से और भी महत्वपूर्ण सुराग मिलने की संभावना है। एजेंसी की इस संयुक्त कार्रवाई को दक्षिण बस्तर क्षेत्र में सक्रिय माओवादी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।