बिजली विभाग ने प्रस्ताव CM सचिवालय भेजा; मंजूरी के बाद 900 रुपए तक का बिल घटकर 450 रुपए के आसपास आने की उम्मीद
छत्तीसगढ़ सरकार घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली बिल में बड़ी राहत देने की तैयारी में है। राज्य में हाफ बिजली बिल की सीमा को 100 यूनिट से बढ़ाकर फिर 200 यूनिट करने पर मंथन चल रहा है। प्रस्ताव मुख्यमंत्री सचिवालय पहुंच चुका है और मंजूरी मिलने के बाद 14 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं को प्रतिमाह करीब 420–435 रुपए की बचत हो सकती है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में आम जनता के लिए एक बार फिर बिजली बिल को लेकर राहत Bhरी खबर सामने आ रही है। राज्य सरकार 100 यूनिट तक लागू हाफ बिजली बिल योजना को बढ़ाते हुए अब 200 यूनिट तक करने की तैयारी में है। सूत्रों के अनुसार बिजली विभाग ने संशोधन प्रस्ताव मुख्यमंत्री सचिवालय भेज दिया है और CM विष्णुदेव साय ने भी इस दिशा में सकारात्मक संकेत दिए हैं।
14 लाख उपभोक्ताओं को मिल सकती है सीधी राहत
नई व्यवस्था लागू होने पर करीब 14 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को सीधा फायदा मिलेगा। अभी 800–900 रुपए तक आने वाला मासिक बिल घटकर लगभग 420–435 रुपए के आसपास आ सकता है।
1 अगस्त 2025 को हुआ था बड़ा बदलाव
गौरतलब है कि चार महीने पहले भूपेश सरकार की 400 यूनिट तक लागू हाफ बिजली बिल योजना की सीमा घटाकर 100 यूनिट कर दी गई थी। इस बदलाव के चलते लाखों परिवारों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ बढ़ गया था और कई उपभोक्ताओं के बिल लगभग दोगुने तक पहुंच गए थे।
200 यूनिट का बिल कैसे होगा सस्ता?
उदाहरण के तौर पर, यदि कोई परिवार हर महीने 200 यूनिट बिजली उपयोग करता है, तो उसका मौजूदा बिल लगभग 840–870 रुपए के बीच आता है। इसमें 100 यूनिट तक का रेट ₹4.10 और अगले 100 यूनिट का रेट ₹4.20 प्रति यूनिट है।
नई योजना लागू होने पर—
- पहले 100 यूनिट का बिल 410–450 रुपए से घटकर 205–225 रुपए रह जाएगा।
- अगले 100 यूनिट का बिल भी हाफ स्कीम के दायरे में रहेगा।
- कुल मिलाकर उपभोक्ताओं को 420–435 रुपए तक की राहत मिलेगी।
यानी जो परिवार पहले 1,250–1,300 रुपए मासिक तक का बिल चुकाते थे, उन्हें भविष्य में सिर्फ 800–850 रुपए में ही निपटारा करना पड़ सकता है।
क्या है हाफ बिजली बिल योजना?
मार्च 2019 में शुरू की गई यह योजना घरेलू उपभोक्ताओं को महंगाई से राहत देने के उद्देश्य से लागू की गई थी। पहले 400 यूनिट तक खपत पर उपभोक्ताओं को आधा बिल देना होता था। यहां तक कि 400 यूनिट से अधिक खपत होने पर भी पहले 400 यूनिट पर हाफ बिल की सुविधा जारी रहती थी। अब सरकार फिर इसी दिशा में कदम बढ़ा रही है, ताकि बिजली दरों में वृद्धि का बोझ आम जनता पर कम पड़े।