गोगुंडा इलाके में नए कैंप के पास दबे IED पर पैर पड़ते ही हुआ जोरदार धमाका, जवानों ने साथी आरक्षक को सुरक्षित निकाला; रायपुर में जारी है उपचार
छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सलियों द्वारा बिछाई गई IED एक बार फिर सुरक्षा बलों को निशाना बनाने में कामयाब रही। गुरुवार को सर्च ऑपरेशन के दौरान जिला पुलिस बल की महिला आरक्षक मुचाकी दुर्गा दबे हुए प्रेशर IED की चपेट में आ गईं। ब्लास्ट इतना तेज था कि उनका पैर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। साथी जवानों ने तुरंत उन्हें रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचाया, जहां से हालत गंभीर होने पर रायपुर रेफर किया गया।
सुकमा। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में गुरुवार सुबह सुरक्षा बलों की टीम पर नक्सलियों की छिपी हुई बारूदी साजिश का असर दिखा। फुलबगड़ी थाना क्षेत्र के गोगुंडा इलाके में स्थापित नए सुरक्षा कैंप से जिला पुलिस बल के जवान नियमित सर्चिंग पर निकले थे। घने जंगल और कच्चे रास्तों के बीच अचानक जिला बल की महिला आरक्षक मुचाकी दुर्गा का कदम एक प्रेशर IED पर पड़ गया।
पल भर में जोरदार धमाका हुआ और आसपास का इलाका धूल और धुएँ से भर गया। विस्फोट इतना तीव्र था कि महिला आरक्षक का पैर बुरी तरह जख्मी हो गया और उनके कपड़े तक चिथड़े हो गए। साथ चल रहे जवान तत्काल हरकत में आए और सुरक्षा घेरे में लेते हुए घायल आरक्षक को कैंप तक पहुंचाया।
कैंप में प्राथमिक इलाज देने के बाद उन्हें गंभीर हालत में एयरलिफ्ट कर राजधानी रायपुर भेज दिया गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उनका उपचार कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, इलाके में नक्सलियों द्वारा पहले से ही कई IED बिछाए जाने की आशंका है, जिस कारण सर्च ऑपरेशन को और सतर्कता के साथ जारी रखा गया है।
सुरक्षा बलों ने धमाके के आसपास के इलाके को सील कर अतिरिक्त दल भेजे हैं। बताया जा रहा है कि नक्सली नई तैनाती वाले कैंपों के आसपास बड़ी संख्या में प्रेशर IED लगा रहे हैं, ताकि जवानों की आवाजाही पर हमला किया जा सके। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल है, जबकि सुरक्षा एजेंसियां इसे नक्सलियों की सोची-समझी रणनीति मान रही हैं।