MMC के प्रवक्ता अनंत बोले— तीन राज्यों के CM या गृहमंत्री के सामने करेंगे आत्मसमर्पण; दंडकारण्य कमेटी ने 50 नक्सलियों की गिरफ्तारी और ‘फर्जी मुठभेड़’ का लगाया आरोप
मध्यप्रदेश–महाराष्ट्र–छत्तीसगढ़ स्पेशल जोनल कमेटी ( ) के नक्सली पहली बार बड़े पैमाने पर सामूहिक सरेंडर की घोषणा कर रहे हैं। संगठन के प्रवक्ता अनंत ने नए पर्चे में दावा किया है कि 1 जनवरी को सैकड़ों नक्सली तीन राज्यों के मुख्यमंत्रियों या गृह मंत्रियों के सामने हथियार डालेंगे। इसी बीच दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी ने अलग पर्चा जारी कर देवजी समेत 50 नक्सलियों की आंध्र प्रदेश पुलिस द्वारा गिरफ्तारी का आरोप लगाया है। लगातार जारी हो रहे पर्चों से बस्तर क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों को लेकर नई हलचल पैदा हो गई है।
जगदलपुर। नक्सल मोर्चे पर इन दिनों दो अलग-अलग पर्चों ने सुरक्षा एजेंसियों की हलचल बढ़ा दी है। एक ओर MMC स्पेशल जोनल कमेटी के सैकड़ों नक्सली मुख्यधारा में लौटने की इच्छा जता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी ने अपने नेताओं की गिरफ्तारी और फर्जी मुठभेड़ का आरोप लगाते हुए नया विवाद खड़ा कर दिया है।
MMC के प्रवक्ता और नक्सली लीडर अनंत ने ताजा पर्चे में कहा है कि पूरी कमेटी 1 जनवरी को सामूहिक रूप से हथियार डाल देगी। अनंत का दावा है कि सभी साथी तीनों राज्यों—मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़—के मुख्यमंत्री या गृहमंत्री के सामने आत्मसमर्पण करने की इच्छा रखते हैं। उन्होंने सरकार से अपील की है कि 1 जनवरी तक ऑपरेशन रोक दिए जाएं, ताकि फैसले को सुरक्षित तरीके से लागू किया जा सके।
अनंत का यह दूसरा पर्चा है। पहले उन्होंने 15 फरवरी तक सरेंडर करने की बात कही थी, जबकि अब तारीख को बदलकर 1 जनवरी कर दिया गया है। पर्चे में यह भी लिखा है कि बातचीत के लिए संगठन पहली बार सार्वजनिक फ्रीक्वेंसी जारी कर रहा है। बाऊफेंग हैंडहेल्ड रेडियो की फ्रीक्वेंसी 435.715 MHz बताई गई है, जिस पर हर दिन सुबह 11 बजे से 11:15 बजे साथी संपर्क में रहेंगे।
दूसरी ओर, बस्तर में दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी ने पर्चा जारी करके दावा किया है कि आंध्र प्रदेश पुलिस ने देवजी समेत 50 नक्सलियों को गिरफ्तार कर लिया है। नक्सली प्रवक्ता विकल्प के नाम से जारी बयान में 18–19 नवंबर को अल्लूरी सीतारामा राजू जिले में हुई मुठभेड़ को “फर्जी” बताया गया है। संगठन का आरोप है कि पुलिस ने हिड़मा समेत 13 नक्सलियों को पकड़कर मार दिया और एनकाउंटर की कहानी गढ़ दी।
इस घटना के विरोध में माओवादी 30 नवंबर को भारत बंद का आह्वान कर चुके हैं।
बाऊफेंग रेडियो के इस्तेमाल पर दिए गए विवरण में नक्सलियों ने बताया कि यह हाथ में पकड़े जाने वाला वॉकी-टॉकी होता है, जो बिना मोबाइल नेटवर्क के भी लंबी दूरी पर संपर्क साधने में सक्षम है। सुरक्षा एजेंसियां, ट्रेकिंग समूह और वाइल्डलाइफ टीमें भी इसी तरह के उपकरणों का इस्तेमाल करती हैं।
दोनों पर्चों के सामने आने के बाद बस्तर में सुरक्षा बलों ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है, जबकि प्रशासन सरेंडर की घोषणा और गिरफ्तारी विवाद—दोनों की सत्यता पर बारीकी से जांच कर रहा है।