दुर्ग जिले के अमलेश्वर क्षेत्र में तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर ने साइकिल सवार दो मासूमों को रौंद दिया। हादसे में 12 साल के ताकेश्वर साहू की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका दोस्त प्रहलाद यदु गंभीर रूप से घायल है और वेंटिलेटर पर जिंदगी से जूझ रहा है। परिजनों का आरोप है कि गाड़ी मालिक और ड्राइवर को बचाने के लिए पुलिस FIR दर्ज करने में देरी कर रही है।
दुर्ग-भिलाई। अमलेश्वर थाना क्षेत्र में शनिवार को हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके में आक्रोश फैला दिया है। स्कूल से लौट रहे दो साइकिल सवार मासूमों को तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर ने टक्कर मार दी, जिससे 12 वर्षीय ताकेश्वर साहू की मौके पर ही मौत हो गई। उसका 10 वर्षीय दोस्त प्रहलाद यदु गंभीर रूप से घायल है और मेकाहारा अस्पताल में वेंटिलेटर पर जीवन-मौत से संघर्ष कर रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार SUV की रफ्तार इतनी तेज थी कि टक्कर के बाद दोनों बच्चे साइकिल सहित दो फीट ऊपर उछल गए और लगभग 20–30 मीटर तक सड़क पर घिसटते चले गए। घटना का LIVE-वीडियो भी सामने आया है।
टक्कर मारने वाली फॉर्च्यूनर का मालिक नारायण अग्रवाल है, जो NK कंस्ट्रक्शन का संचालक बताया जाता है। परिजनों का आरोप है कि गाड़ी मालिक और उसका ड्राइवर प्रभावशाली हैं, इसलिए पुलिस तीन दिन बीत जाने के बाद भी FIR दर्ज नहीं कर रही। मृतक के पिता का कहना है—”मेरा बेटा इकलौता था, पुलिस रसूखदारों को बचा रही है। हमें न्याय चाहिए।”
सूत्रों के मुताबिक हादसे के समय दो गाड़ियाँ तेज रफ्तार में रायपुर की ओर जा रही थीं। इनमें से एक फॉर्च्यूनर ने बच्चों को कुचला। घटना के बाद आरोपी दूसरी गाड़ी से बच्चों को अस्पताल लेकर गया और फिर वहीं से गायब हो गया। टक्कर मारने वाली गाड़ी थाना परिसर में खड़ी है, लेकिन जिम्मेदारों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
परिजन और ग्रामीण लगातार न्याय की मांग कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि तुरंत FIR दर्ज कर गिरफ्तारी नहीं की गई, तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे।