एरमसाही खरीदी केंद्र में 920 क्विंटल धान गायब, भौतिक सत्यापन में उजागर हुई फर्जीवाड़े की परतें
बिलासपुर जिले में धान खरीदी व्यवस्था को दागदार करने वाला एक बड़ा मामला सामने आया है। सेवा सहकारी समिति के खरीदी केंद्र में कागजों में धान खरीदी दिखाकर शासन को लाखों रुपए का चूना लगाया गया। संयुक्त जांच में गड़बड़ी उजागर होने के बाद पुलिस ने आरोपी कम्प्यूटर ऑपरेटर को गिरफ्तार कर लिया है।
बिलासपुर। मस्तूरी थाना क्षेत्र अंतर्गत सेवा सहकारी समिति मर्यादित एरमसाही के धान खरीदी केंद्र में बड़े पैमाने पर हेराफेरी का खुलासा हुआ है। खरीफ विपणन वर्ष 2025 के दौरान 920 क्विंटल धान की फर्जी खरीदी दर्शाकर शासन को करीब 28 लाख 52 हजार रुपए की आर्थिक क्षति पहुंचाई गई। मामले में पुलिस ने केंद्र में पदस्थ कम्प्यूटर ऑपरेटर कांशी राम खूंटे को गिरफ्तार कर लिया है।
इस संबंध में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित मस्तूरी के मैनेजर सुशील पनोरे ने पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर संयुक्त जांच दल गठित किया गया, जिसने खरीदी केंद्र का भौतिक सत्यापन किया। जांच में पाया गया कि अभिलेखों में दर्ज धान की मात्रा और वास्तविक स्टॉक में भारी अंतर है। केंद्र में 920 क्विंटल धान कम पाया गया, जिससे फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई।
जांच रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी कम्प्यूटर ऑपरेटर ने जानबूझकर सिस्टम में फर्जी प्रविष्टियां कर धान खरीदी दिखाई, जबकि वास्तविक रूप से उतनी मात्रा में धान केंद्र में कभी आया ही नहीं। यह कृत्य खरीफ विपणन वर्ष 2025 की धान उपार्जन नीति का सीधा उल्लंघन माना जा रहा है।
संयुक्त जांच के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसके ग्राम एरमसाही स्थित निवास पर दबिश दी और उसे हिरासत में ले लिया। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस हेराफेरी में और कौन-कौन शामिल था तथा क्या किसी अन्य कर्मचारी की भूमिका भी रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि धान खरीदी जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्था में किसी भी तरह की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर शासन की राशि की भरपाई के प्रयास भी किए जाएंगे।