WHO अकादमी की नई पहल का उद्देश्य राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी कैंसर नियंत्रण योजनाएं बनाना और विशेषज्ञों की कार्यक्षमता बढ़ाना।
रायपुर(डब्लूएचओ): दुनिया भर में पैर पसार रही कैंसर जैसी घातक बीमारी पर लगाम लगाने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने अब तक की सबसे बड़ी रणनीतिक घेराबंदी शुरू कर दी है। WHO अकादमी ने आज विशेष रूप से ‘प्रोग्राम प्रबंधकों’ और नीति-निर्धारकों के लिए ‘नेशनल कैंसर कंट्रोल प्लानिंग’ (NCCP) नामक एक उच्च-स्तरीय प्रशिक्षण पाठ्यक्रम का अनावरण किया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय और प्रादेशिक स्तर पर कैंसर के विरुद्ध ऐसी कार्ययोजनाएं तैयार करना है जो न केवल साक्ष्यों पर आधारित हों, बल्कि उन्हें स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार धरातल पर क्रियान्वित करना भी संभव हो।
योजनाओं की विफलता और वैश्विक संकट
एक अंतरराष्ट्रीय समीक्षा में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि दुनिया के 80% देशों ने कैंसर नियंत्रण के लिए लिखित योजनाएं तो बनाई हैं, लेकिन उनमें से 75% योजनाओं के पास कोई ठोस बजट या फंडिंग ही नहीं है। इतना ही नहीं, मात्र 30% देश ही अपनी रणनीति में ‘रोकथाम’ (Prevention) को जगह दे पाए हैं। WHO की यह नई पहल इसी प्रशासनिक और वित्तीय खाई को पाटने के लिए विशेषज्ञों को तैयार करेगी।
नेतृत्व और वैज्ञानिक दृष्टिकोण का संगम
WHO के गैर-संचारी रोग विभाग की प्रमुख अलारकोस सिएज़ा के अनुसार, “मजबूत राष्ट्रीय योजनाएं ही कैंसर की रोकथाम और मरीजों के जीवन स्तर में सुधार की कुंजी हैं।” यह कोर्स विशेषज्ञों को ‘स्टेकहोल्डर मैनेजमेंट’ और ‘कोऑर्डिनेशन’ के वे वैज्ञानिक गुर सिखाएगा, जो स्वास्थ्य मंत्रालयों की व्यापक नीतियों के साथ तालमेल बिठाने में सक्षम होंगे।
अत्याधुनिक कौशल और ‘SMART’ लक्ष्य
कोर्स के माध्यम से शिक्षार्थी जटिल डेटा का विश्लेषण करना और WHO के विशेष ‘कैंसर कॉस्टिंग टूल’ का उपयोग करना सीखेंगे। इसका मुख्य लक्ष्य कैंसर से जुड़ी चुनौतियों को ‘SMART’ (स्पष्ट, मापने योग्य, प्राप्त करने योग्य, प्रासंगिक और समयबद्ध) उद्देश्यों में बदलना है। प्रशिक्षण के दौरान केस स्टडीज और व्यक्तिगत कार्यशालाओं के जरिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि विशेषज्ञ अपने देश की परिस्थितियों के अनुसार सर्वश्रेष्ठ नीतियां बना सकें।
वैश्विक नेटवर्क: यह नया पाठ्यक्रम केवल कागजी योजना नहीं है, बल्कि यह विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की तीन सबसे बड़ी वैश्विक पहलों को एक ही मंच पर लाकर एक ‘यूनाइटेड हेल्थ फ्रंट’ तैयार करता है। इसके माध्यम से विशेषज्ञ निम्नलिखित तीन मोर्चों पर एक साथ रणनीति बनाना सीखेंगे:
स्तन कैंसर (Breast Cancer Initiative): दुनिया भर में महिलाओं में सबसे आम इस कैंसर के विरुद्ध ‘अर्ली डिटेक्शन’ और ‘टाइमली डायग्नोसिस’ के वैश्विक मानकों को राष्ट्रीय योजनाओं में शामिल करना।
सर्वाइकल कैंसर उन्मूलन (Cervical Cancer Elimination): गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर को जड़ से मिटाने के लिए HPV टीकाकरण, नियमित स्क्रीनिंग और उपचार की सुलभता को सरकारी नीतियों का अनिवार्य हिस्सा बनाना।
बाल चिकित्सा कैंसर (Childhood Cancer Initiative): बच्चों में होने वाले कैंसर की उत्तरजीविता (Survival Rate) को बढ़ाने के लिए विशिष्ट प्रोटोकॉल और संसाधनों का सही आवंटन सुनिश्चित करना।
समग्र दृष्टिकोण: यह कोर्स IAEA (इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी) की ‘रेज़ ऑफ होप’ (Rays of Hope) और IARC की ‘ग्लोबल इनिशिएटिव ऑन कैंसर रजिस्ट्रिज़’ के साथ भी समन्वय स्थापित करता है। इसका सीधा अर्थ यह है कि अब कैंसर का डेटा इकट्ठा करने से लेकर, रेडियोथेरेपी की सुविधा उपलब्ध कराने तक का पूरा खाका विशेषज्ञों के पास एक ही डिजिटल डैशबोर्ड पर उपलब्ध होगा।
कोर्स सफलतापूर्वक पूर्ण करने वाले अधिकारियों को वैश्विक मान्यता प्राप्त समापन प्रमाण-पत्र (Certificate of Completion) दिया जाएगा। इसके माध्यम से राष्ट्रीय स्वास्थ्य सूचना प्रणालियों को और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा सकेगा। कैंसर केवल एक स्वास्थ्य समस्या नहीं, बल्कि एक बड़ी सामाजिक चुनौती है। WHO का यह नया कोर्स उन रणनीतिकारों को सशक्त करेगा, जिनके कंधों पर आने वाले समय में लाखों जिंदगियां बचाने की जिम्मेदारी होगी।