FIR के विरोध में तेलीबांधा थाना बना शक्ति प्रदर्शन का केंद्र, सड़क पर हवन और नारेबाजी; ट्रैफिक डायवर्ट, प्रशासन हाई अलर्ट पर
रायपुर( ए) । छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर इस वक्त एक बड़े आंदोलन और प्रशासनिक सख्ती के बीच फंसी हुई नजर आ रही है। मैग्नेटो मॉल में हुई तोड़फोड़ की घटना के बाद दर्ज की गई FIR अब कानून व्यवस्था का बड़ा मुद्दा बन गई है। बजरंग दल ने पुलिस की कार्रवाई को गलत और एकतरफा बताते हुए खुला विरोध शुरू कर दिया है। तेलीबांधा पुलिस थाना के सामने सड़क पर बैठकर चक्काजाम किया गया है। प्रदर्शन के दौरान हवन, नारेबाजी और थाने का घेराव किया गया, जिससे पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है।
FIR दर्ज होते ही सड़कों पर उतरा संगठन, पुलिस कार्रवाई पर उठे गंभीर सवाल
मैग्नेटो मॉल में छत्तीसगढ़ बंद के दौरान हुए हंगामे और कथित तोड़फोड़ की घटना के बाद पुलिस ने बजरंग दल से जुड़े कार्यकर्ताओं के खिलाफ FIR दर्ज की थी। इसी FIR को लेकर संगठन में जबरदस्त नाराजगी देखने को मिली। बजरंग दल का कहना है कि बिना पूरी जांच और तथ्यों को जाने सीधे केस दर्ज कर दिया गया। संगठन का आरोप है कि पुलिस ने दबाव में आकर कार्रवाई की। इसी के विरोध में बजरंग दल ने रणनीति के तहत तेलीबांधा थाना को घेरने का फैसला लिया। सैकड़ों कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और देखते ही देखते हालात बिगड़ने लगे।
सड़क पर हवन, धार्मिक प्रतीकों के साथ उग्र प्रदर्शन
प्रदर्शन के दौरान बजरंग दल के कार्यकर्ता सड़क पर बैठ गए और सार्वजनिक रूप से हवन किया। धार्मिक नारों और प्रतीकों के जरिए संगठन ने अपने विरोध को और धार दी। “गलत FIR वापस लो” और “हिंदू संगठनों को टारगेट करना बंद करो” जैसे नारे लगातार लगाए जाते रहे। हवन और नारेबाजी के चलते पूरे इलाके में भारी भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने कई बार समझाइश की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं दिखे। स्थिति बेहद संवेदनशील बनी रही और किसी भी वक्त हालात बिगड़ने की आशंका बनी रही।
चक्काजाम का असर—रायपुर की यातायात व्यवस्था चरमराई
तेलीबांधा थाना के सामने लगे चक्काजाम का असर पूरे शहर पर साफ नजर आया। तेलीबांधा चौक पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। मंदिर हसौद और एयरपोर्ट से रायपुर शहर की ओर आने वाला ट्रैफिक पूरी तरह रोक दिया गया। मजबूरी में पुलिस को वाहनों को नेशनल हाईवे की ओर डायवर्ट करना पड़ा। जाम में एंबुलेंस, स्कूल बसें, ऑफिस जाने वाले कर्मचारी और आम नागरिक फंसे रहे। कई लोग घंटों तक परेशान होते नजर आए। चक्काजाम से शहर की रफ्तार पूरी तरह थम गई।
भारी पुलिस बल तैनात, इलाका बना छावनी
स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए पुलिस प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है। मौके पर दो अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, चार नगर पुलिस अधीक्षक और बारह से अधिक थाना प्रभारी मौजूद हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में पुलिस जवान और अतिरिक्त बल भी तैनात किया गया है। पूरे इलाके को बैरिकेडिंग कर सुरक्षित किया गया है। ड्रोन और कैमरों के जरिए भी निगरानी रखी जा रही है। पुलिस लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
बजरंग दल का पलटवार—तोड़फोड़ के आरोप पूरी तरह खारिज
बजरंग दल के जिला संयोजक विजेंद्र वर्मा ने मीडिया से बात करते हुए तोड़फोड़ के आरोपों को सिरे से नकार दिया। उन्होंने कहा कि संगठन ने मॉल में कोई जानबूझकर नुकसान नहीं किया। उनका दावा है कि केवल सजावट को मामूली नुकसान हुआ, जिसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है। विजेंद्र वर्मा ने कहा कि इतनी छोटी बात पर FIR दर्ज करना गलत है। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई को पक्षपातपूर्ण बताया। साथ ही यह भी कहा कि आज का प्रदर्शन पूरी तरह योजनाबद्ध था और आगे भी आंदोलन जारी रहेगा।
फिलहाल रायपुर में हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। एक तरफ बजरंग दल FIR वापस लेने की मांग पर अड़ा हुआ है, तो दूसरी तरफ पुलिस कानून व्यवस्था बनाए रखने में जुटी हुई है। सवाल यह है कि क्या बातचीत से कोई हल निकलेगा या आंदोलन और तेज होगा। शहर के लोग डरे हुए हैं और हालात पर नजर बनाए हुए हैं। प्रशासन किसी भी स्थिति से निपटने की तैयारी में है। आने वाले घंटे रायपुर के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं।