नईदिल्ली(ए)। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने क्रिप्टो करेंसी के नाम पर ठगी करने वाले जालसाजों पर शिकंजा कस दिया है। ईडी की चंडीगढ़ जोनल टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए चंडीगढ़, कुरुक्षेत्र, करनाल और अंबाला में 9 रिहायशी ठिकानों पर छापेमारी की। इस सर्च ऑपरेशन के दौरान ईडी ने 3 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति (अचल संपत्ति) का पता लगाया है। इसके अलावा, अपराध से जुड़ी 22.38 लाख रुपये की रकम वाले 18 बैंक खातों को फ्रीज कर दिया गया है और मौके से 4 लाख रुपये नकद भी जब्त किए गए हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, यह छापेमारी ‘क्रिप्टो वर्ल्ड ट्रेडिंग कंपनी’ नामक एक फर्जी ऑनलाइन निवेश संस्था से जुड़े आरोपियों के खिलाफ की गई। यह सर्च ऑपरेशन 24 दिसंबर को मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत चलाया गया था। ईडी ने हरियाणा पुलिस द्वारा विकास कालरा, तरुण तनेजा, कपिल कुमार और पवन कुमार के खिलाफ दर्ज एफआईआर के आधार पर यह जांच शुरू की थी।
ईडी की जांच में एक बड़ा खुलासा हुआ है। आरोपियों ने मिलीभगत करके ‘क्रिप्टो वर्ल्ड ट्रेडिंग कंपनी’ के नाम से एक फर्जी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बनाया था। इसका मकसद मासूम निवेशकों को ज्यादा मुनाफे का लालच देकर उनकी गाढ़ी कमाई को ठगना था। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने ‘Binance’ पर क्रिप्टो वॉलेट बनाए थे, जिसके जरिए वे अलग-अलग निवेशकों से पैसे प्राप्त करते थे।
आरोपियों के बैंक खातों के विश्लेषण से पता चला कि वे निवेशकों का पैसा पहले अपने निजी बैंक खातों में मंगवाते थे। इसके बाद, जांच से बचने के लिए उस पैसे को अपने परिवार के सदस्यों और सहयोगियों के बैंक खातों के जरिए ‘लेयरिंग’ (इधर-उधर ट्रांसफर) करते थे। ठगी से कमाए गए इस पैसे का इस्तेमाल आरोपियों ने अपने परिवार वालों के नाम पर अचल संपत्तियां खरीदने में किया। छापेमारी के दौरान ईडी ने कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल सबूत भी जब्त किए हैं।