शिवराज सिंह चौहान का CM साय को पत्र: तुअर, उड़द और सोयाबीन समेत 5 फसलों पर मिलेगी आर्थिक सुरक्षा, बिचौलियों के चंगुल से मुक्त होंगे अन्नदाता
रायपुर (ए) : छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए नए साल की शुरुआत किसी बड़े उपहार से कम नहीं है। केंद्र की मोदी सरकार ने छत्तीसगढ़ में दाल और तिलहन की फसलों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदने के राज्य सरकार के प्रस्ताव को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को पत्र लिखकर इस महत्वपूर्ण निर्णय की जानकारी दी है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए लागू होने वाली इस ‘मूल्य समर्थन योजना’ (PSS) से राज्य के हजारों किसानों को अपनी उपज का सही दाम मिलना तय हो गया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
इन 5 फसलों पर बरसेगी राहत: खरीदी का पूरा कोटा तय
केंद्र सरकार द्वारा जारी स्वीकृति के अनुसार, छत्तीसगढ़ में इस बार रिकॉर्ड मात्रा में दलहन और तिलहन की खरीदी की जाएगी। केंद्रीय मंत्री के पत्र के मुताबिक, राज्य में कुल 21 हजार 330 मीट्रिक टन तुअर, 25 हजार 530 मीट्रिक टन उड़द, 240 मीट्रिक टन मूंग, 4 हजार 210 मीट्रिक टन सोयाबीन और 4 हजार 210 मीट्रिक टन मूंगफली की खरीदी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जाएगी। इस फैसले का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अब किसानों को बाजार में अपनी मेहनत की कमाई को ‘औने-पौने’ दाम पर बेचने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा।
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बिचौलियों की होगी छुट्टी, सीधे किसानों के खाते में जाएगा पैसा
अक्सर देखा गया है कि दाल और तिलहन के बाजार में उतार-चढ़ाव का फायदा बिचौलिये उठाते हैं, जिससे किसानों को लागत भी नहीं मिल पाती। लेकिन केंद्र सरकार की इस मंजूरी के बाद, छत्तीसगढ़ सरकार इन फसलों की सरकारी खरीदी के लिए विशेष तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने केंद्र सरकार के प्रति आभार जताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों का हित हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि खरीदी की सभी तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएं ताकि किसानों को भुगतान में कोई देरी न हो और वे सीधे लाभान्वित हो सकें।
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दलहन-तिलहन उत्पादन को मिलेगा जबरदस्त बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि इस निर्णय से राज्य में फसल विविधीकरण (Crop Diversification) को नई दिशा मिलेगी। अब तक किसान मुख्य रूप से धान की फसल पर निर्भर थे, लेकिन अब एमएसपी की गारंटी मिलने से वे तुअर, सोयाबीन और मूंगफली जैसी फसलों की ओर अधिक आकर्षित होंगे। इससे न केवल किसानों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि राज्य में दालों और तेल की आत्मनिर्भरता भी बढ़ेगी। मुख्यमंत्री ने इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने वाला कदम बताते हुए कहा कि यह निर्णय छत्तीसगढ़ के किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करेगा और उन्हें खेती की नई तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करेगा।