- बैंकिंग और ऑटो शेयरों में भारी बिकवाली, सेंसेक्स के सभी 30 शेयर लाल निशान में
- ईरान-इजराइल तनाव से कच्चा तेल 112 डॉलर पार, निवेशकों में घबराहट
- HDFC बैंक चेयरमैन के इस्तीफे से शेयर 5% टूटा
- एक दिन में निवेशकों की 9 लाख करोड़ रुपए की संपत्ति साफ
वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स करीब 1800 अंक टूटकर 74,900 के स्तर पर आ गया, जबकि निफ्टी 540 अंक गिरकर 23,250 के नीचे फिसल गया। बाजार में चौतरफा बिकवाली के चलते निवेशकों की संपत्ति में एक ही दिन में करीब 9 लाख करोड़ रुपए की कमी दर्ज की गई।
मुंबई (ए)। ग्लोबल संकेतों के दबाव में घरेलू शेयर बाजार में आज तेज गिरावट दर्ज की गई। सुबह से ही बिकवाली हावी रही और सेंसेक्स के सभी 30 शेयर नुकसान में कारोबार करते नजर आए। खासकर बैंकिंग और ऑटो सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला।
विशेषज्ञों के मुताबिक, ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। जंग जैसे हालात बनने से सप्लाई चेन बाधित होने और महंगाई बढ़ने की आशंका है। इसका सीधा असर कंपनियों के मुनाफे पर पड़ सकता है, जिससे निवेशकों ने सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख करना शुरू कर दिया है।
इसी बीच कच्चे तेल की कीमतों में भी बड़ा उछाल आया है। ब्रेंट क्रूड 112 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। फारस की खाड़ी में तनाव के चलते हॉर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले तेल टैंकरों पर जोखिम बढ़ गया है, जिससे परिवहन और बीमा लागत में इजाफा हुआ है।
बाजार में गिरावट को और गहरा करने में एचडीएफसी बैंक से जुड़ी खबर का भी असर पड़ा। बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती के इस्तीफे के बाद शेयर में करीब 5% की गिरावट दर्ज की गई। उनके स्थान पर केकी मिस्त्री को अंतरिम चेयरमैन नियुक्त किया गया है।
गिरावट का असर निवेशकों की संपत्ति पर भी साफ दिखा। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप 439 लाख करोड़ रुपए से घटकर 430 लाख करोड़ रुपए रह गया, यानी एक ही दिन में करीब 9 लाख करोड़ रुपए की वेल्थ घट गई।
वैश्विक बाजारों से भी कमजोर संकेत मिले हैं। एशियाई बाजारों में कोस्पी, निक्केई, हैंगसेंग और शंघाई इंडेक्स सभी गिरावट में कारोबार कर रहे हैं। वहीं अमेरिकी बाजार भी पिछले सत्र में गिरावट के साथ बंद हुए थे, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा।