मतगणना प्रक्रिया में अनियमितता और धक्का-मुक्की के आरोपों का किया उल्लेख
कोलकाता (ए)। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भवानीपुर विधानसभा सीट के चुनाव परिणाम को कलकत्ता हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए चुनाव प्रक्रिया की न्यायिक समीक्षा की मांग की है। मंगलवार को उन्होंने स्वयं अदालत पहुंचकर चुनाव याचिका दाखिल की और परिणाम की वैधता की जांच कराने का आग्रह किया।
भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को 15,105 मतों के अंतर से पराजित किया था। यह सीट ममता बनर्जी का राजनीतिक गढ़ मानी जाती रही है, जहां से वह पूर्व में तीन बार विधायक चुनी जा चुकी हैं।
मतगणना प्रक्रिया पर उठाए सवाल
याचिका में ममता बनर्जी ने मतगणना प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि चुनाव परिणाम घोषित होने से पहले मतगणना के दौरान कई अनियमितताएं हुईं और चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की गई।
चुनाव परिणाम से पहले काउंटिंग सेंटर के बाहर हुए विवाद का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उनके प्रतिनिधियों को परेशानी का सामना करना पड़ा तथा मतगणना प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर कई सवाल खड़े हुए।
काउंटिंग सेंटर में धक्का-मुक्की का आरोप
ममता बनर्जी ने पहले भी आरोप लगाया था कि काउंटिंग सेंटर में उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया और उन्हें प्रवेश करने से रोका गया। उनका दावा था कि उनके पोलिंग एजेंट को बाहर निकाल दिया गया तथा मतगणना प्रक्रिया के दौरान उन्हें धक्का-मुक्की का सामना करना पड़ा।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि कुछ स्थानों पर मतगणना को जानबूझकर प्रभावित करने का प्रयास किया गया, जिससे चुनाव परिणामों की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं।
भाजपा ने आरोपों को बताया निराधार
भाजपा नेता और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी के आरोपों को सिरे से खारिज किया था। उनका कहना था कि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी रही है तथा हार के बाद लगाए जा रहे आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं हैं।
नंदीग्राम के बाद दूसरी बड़ी कानूनी चुनौती
यह पहला अवसर नहीं है जब ममता बनर्जी ने चुनावी हार के खिलाफ अदालत का रुख किया हो। इससे पहले वर्ष 2021 में नंदीग्राम विधानसभा सीट पर शुभेंदु अधिकारी से मिली हार के बाद भी उन्होंने कलकत्ता हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दायर की थी।
अब भवानीपुर सीट के चुनाव परिणाम को लेकर दाखिल नई याचिका पर अदालत की सुनवाई और उसके फैसले पर राजनीतिक हलकों की नजरें टिकी हुई हैं।