यूपी में 70 घंटे से आंधी-बारिश, बिहार में 500 घर डूबे
केदारनाथ मार्ग पर भूस्खलन से हजारों श्रद्धालु प्रभावित, ऋषिकेश में गंगा चेतावनी स्तर के पार; यूपी में 45 शहरों में लगातार बारिश
लगातार बारिश ने उत्तर भारत के कई राज्यों में मुश्किलें बढ़ा दी हैं। उत्तराखंड में नदियों का जलस्तर बढ़ने के साथ केदारनाथ यात्रा मार्ग पर भूस्खलन हुआ है, जिससे करीब 4 हजार यात्री फंस गए हैं। उत्तर प्रदेश में आंधी-बारिश से जनजीवन प्रभावित है, जबकि बिहार में नेपाल से आने वाले पानी और लगातार बारिश के कारण गंडक और कोसी नदियां उफान पर हैं।
उत्तराखंड में मौसम का असर सबसे अधिक पहाड़ी और नदी किनारे के इलाकों में दिखाई दे रहा है। ऋषिकेश में गंगा का जलस्तर चेतावनी स्तर पार कर गया है। सुरक्षा के मद्देनजर घाटों पर आवाजाही रोक दी गई है। रुद्रप्रयाग में केदारनाथ मार्ग पर भूस्खलन होने के बाद यात्रियों की आवाजाही प्रभावित हुई है।

चार हजार श्रद्धालु रास्ते में फंसे
भूस्खलन और खराब मौसम को देखते हुए केदारनाथ यात्रा रोक दी गई है। हेली सेवाएं भी स्थगित हैं। करीब 4 हजार श्रद्धालुओं के फंसे होने की जानकारी है। प्रशासन की टीमें हालात पर नजर बनाए हुए हैं और मौसम में सुधार का इंतजार किया जा रहा है।

मौसम विभाग के अलर्ट के अनुसार देहरादून, टिहरी, हरिद्वार और पौड़ी में रेड अलर्ट है। उत्तरकाशी, चमोली, नैनीताल और रुद्रप्रयाग में ऑरेंज अलर्ट तथा बागेश्वर, अल्मोड़ा, चंपावत, ऊधम सिंह नगर और पिथौरागढ़ में यलो अलर्ट जारी किया गया है।
यूपी में 22 जिलों पर बाढ़ का खतरा
उत्तर प्रदेश में लगातार करीब 70 घंटे से बारिश हो रही है। लखनऊ, कानपुर, उन्नाव, बाराबंकी, अयोध्या और जौनपुर समेत 45 शहरों में मौसम का असर दिखाई दे रहा है। कई इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल रही हैं।

बारिश और आंधी के कारण दो दिनों में 62 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। कई स्थानों पर फसलों को नुकसान पहुंचा है। तेज हवाओं से पेड़ और बिजली के खंभे गिरने की घटनाएं भी सामने आई हैं। 22 जिलों में अचानक बाढ़ की आशंका जताई गई है।
बिहार में नदियों का बढ़ा दबाव
बिहार में साइक्लोन अर्नब का प्रभाव कमजोर पड़ चुका है, लेकिन बारिश का सिलसिला जारी है। करीब 72 घंटे से हो रही बारिश और नेपाल के तराई क्षेत्र में पानी आने के कारण गंडक और कोसी नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है।
राज्य के 17 जिलों के करीब 6 हजार गांव बाढ़ के पानी से प्रभावित होकर दूसरे इलाकों से कटने की स्थिति में हैं। करीब 500 घर पानी से घिरे बताए गए हैं। सुपौल जिले के करीब 50 गांवों में बाढ़ का असर बना हुआ है।