ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन, 200 प्रदर्शनकारी हिरासत में; रिहाई के बाद पार्टी ने ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल का जताया आभार
नई दिल्ली। ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। प्रदर्शन के मद्देनजर राजधानी में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की भारी तैनाती की गई। इस दौरान करीब 200 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। घटनाक्रम के बीच राहुल गांधी ने विपक्षी दलों से एकजुट होकर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट पहुंचने की अपील की। वहीं, हिरासत से रिहा हुए पार्टी नेताओं ने प्रदर्शन में समर्थन देने के लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का आभार जताया।
राहुल गांधी ने विपक्ष से एकजुट होने की अपील की
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर हाथ में संविधान की प्रति लेकर विपक्षी दलों से साथ आने का आह्वान किया। उन्होंने सभी दलों से सोमवार को सुप्रीम कोर्ट चलने की अपील करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और मोहन भागवत उनकी आवाज को दबा नहीं सकते। उन्होंने कहा कि इसके खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाने की जरूरत है।
करीब 23 घंटे बाद रिहा हुए तीन नेता
अभिजीत दीपके, अशुतोष रांका और सौरव दास को करीब 23 घंटे हिरासत में रखने के बाद रविवार सुबह 10 बजे रिहा कर दिया गया। इसके बाद पार्टी की ओर से प्रदर्शन में शामिल होने और समर्थन देने के लिए ममता बनर्जी तथा अरविंद केजरीवाल को धन्यवाद दिया गया।
अभिजीत दीपके शनिवार को मुंबई से दिल्ली पहुंचे थे। रिपोर्ट के अनुसार, विमान के दिल्ली हवाई अड्डे पर उतरने के बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया था। उनकी हिरासत को लेकर भी राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं।
राजीव चौक पर महिला प्रदर्शनकारियों का विरोध
दिल्ली के राजीव चौक मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर सात के सामने महिला प्रदर्शनकारियों ने विरोध जताया। स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) की आईसी घोष प्रदर्शनकारियों को ले जा रही बस पर चढ़ गईं। कई महिला प्रदर्शनकारी तिरंगा लेकर बस के सामने बैठ गईं। एसएफआई ने दिल्ली पुलिस पर महिला प्रदर्शनकारियों के साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया था।
करीब 10 मिनट तक चले घटनाक्रम के बाद पुलिस और अतिरिक्त सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाया और उन्हें बस में बैठाकर ले गए।
कनॉट प्लेस में सुरक्षा बढ़ाई गई
प्रदर्शन को देखते हुए कनॉट प्लेस में पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) ने फ्लैग मार्च किया। राजधानी के प्रमुख इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई, ताकि किसी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
अभिजीत दीपके की हिरासत पर पुलिस का पक्ष
दिल्ली पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में अभिजीत दीपके की हिरासत के दौरान उनके साथ किए गए व्यवहार को लेकर अपना पक्ष रखा। पुलिस के अनुसार, दीपके की दादी के निधन की जानकारी मिलने के बाद उन्हें यह दुखद समाचार देने और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया। पुलिस ने कहा कि उनसे परिजनों से बातचीत कराने, फ्लाइट की व्यवस्था या अन्य जरूरतों के बारे में पूछा गया, लेकिन उन्होंने अपने माता-पिता से बात करने से इनकार कर दिया। पुलिस का दावा है कि उन्हें सोचने का समय देने के बाद भी दोबारा सहायता की पेशकश की गई। पुलिस ने आरोप लगाया कि इस मामले को लेकर सीजेपी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में तथ्यों को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया।