कल्याण कॉलेज सेक्टर-7 से रवाना होंगी पोलिंग पार्टियां, यहीं होगी मतगणना; 30 नवंबर को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन प्रस्तावित
भिलाई, रिसाली, भिलाई-चरोदा नगर निगम और जामुल नगर पालिका में प्रस्तावित नगरीय निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ने लगी है। राजनीतिक दलों ने बैठकों और संभावित प्रत्याशियों के चयन की प्रक्रिया तेज कर दी है, वहीं जिला प्रशासन भी चुनावी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुट गया है। दिसंबर 2026 में प्रस्तावित चुनाव के मद्देनजर मतदान दलों की रवानगी, मतगणना केंद्र और मतदाता सूची के पुनरीक्षण से जुड़ी तैयारियां की जा रही हैं।
दुर्ग-भिलाई। दुर्ग जिले के चार नगरीय निकायों में चुनाव की तैयारियों के साथ प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। भिलाई नगर निगम में चुनाव संचालन से संबंधित व्यवस्थाओं को लेकर महत्वपूर्ण आदेश जारी किए गए हैं। मतदान सामग्री के वितरण, मतदान दलों की रवानगी, मतदान के बाद उनकी वापसी और मतगणना के लिए सेक्टर-7 स्थित कल्याण स्नातकोत्तर महाविद्यालय को प्रमुख केंद्र निर्धारित किया गया है।
भिलाई निगम आयुक्त की ओर से उप जिला निर्वाचन अधिकारी को भेजे गए पत्र के अनुसार, महापौर और वार्ड पार्षद पदों के लिए नाम निर्देशन पत्र निगम के महापौर कार्यालय में प्राप्त किए जाएंगे। मतदान के लिए जरूरी सामग्री का वितरण और मतदान दलों की रवानगी कल्याण कॉलेज से होगी। मतदान संपन्न होने के बाद दलों की वापसी और मतगणना की व्यवस्था भी इसी परिसर में की जाएगी।
30 नवंबर को मतदाता सूची के प्रकाशन की तैयारी
छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग ने नगरीय निकाय चुनावों के मद्देनजर निर्वाचक नामावली के पुनरीक्षण का कार्यक्रम जारी किया है। इसके तहत मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 30 नवंबर को प्रस्तावित है। प्रशासन का जोर मतदाता सूची में छूटे हुए पात्र नागरिकों और पहली बार मतदान करने वाले युवाओं के नाम शामिल करने पर है।
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ), पर्यवेक्षकों और प्राधिकृत अधिकारियों को मतदाता सूची तैयार करने, नए नाम जोड़ने तथा दावा-आपत्ति की प्रक्रिया से संबंधित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। दुर्ग में बीएलओ का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है। अब प्रशासन अगले चरण की तैयारियों में जुटा है। प्रशिक्षण स्थल में भी बदलाव किया गया है।
वार्डों में सक्रिय हुए पार्षद, दलों ने बढ़ाई बैठकें
चुनावी गतिविधियां बढ़ने के साथ वार्डों में राजनीतिक सक्रियता भी नजर आने लगी है। पार्षद अपने क्षेत्रों में पहुंचकर कराए गए विकास कार्यों की जानकारी दे रहे हैं। कुछ जनप्रतिनिधि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के बारे में बताकर मतदाताओं से संपर्क बढ़ा रहे हैं।
दूसरी ओर, प्रमुख राजनीतिक दलों के नेता विभिन्न नगरीय निकायों और पंचायत क्षेत्रों में बैठकें कर रहे हैं। संभावित प्रत्याशियों के चयन के लिए वार्डवार समितियां गठित करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। आने वाले दिनों में टिकट के दावेदारों की सक्रियता बढ़ने की संभावना है।
प्रशासनिक स्तर पर चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी व्यवस्थाओं को व्यवस्थित करने और मतदाता सूची को अद्यतन बनाने पर जोर है। वहीं राजनीतिक दलों ने भी चुनावी रणनीति तैयार करने के लिए अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं।