रोजगार, मुआवजा और पुनर्वास की लंबित मांगों को लेकर गेवरा में आंदोलन कर रहे ग्रामीणों पर सीआईएसएफ की कार्रवाई; कई घायल, विरोध में सैकड़ों ग्रामीण जुटे
एसईसीएल की गेवरा खदान में रोजगार, मुआवजा और पुनर्वास की मांगों को लेकर गुरुवार को शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे भू-विस्थापितों पर सीआईएसएफ जवानों ने लाठीचार्ज कर दिया। इस कार्रवाई में किसान सभा से जुड़े कई प्रदर्शनकारी घायल हो गए। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई और ग्रामीणों ने खदान बंदी कर विरोध तेज कर दिया।
कोरबा। एसईसीएल की गेवरा खदान में गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब लंबित रोजगार, मुआवजा और पुनर्वास की मांगों को लेकर शांतिपूर्ण धरना दे रहे भू-विस्थापितों पर सीआईएसएफ ने अचानक लाठीचार्ज कर दिया। छत्तीसगढ़ किसान सभा के बैनर तले हो रहे इस प्रदर्शन में जिला सचिव दीपक साहू सहित कई लोग घायल हो गए, जिनमें कुछ को गंभीर चोटें आई हैं।
लाठीचार्ज की खबर फैलते ही आसपास के गांवों से सैकड़ों ग्रामीण एकजुट होकर खदान परिसर पहुंचे और “रोजगार दो, न्याय दो” के नारों के साथ प्रदर्शन शुरू कर दिया। विरोध को बढ़ता देख पुलिस प्रशासन ने भारी संख्या में बल तैनात कर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा था और एसईसीएल अधिकारी बातचीत के लिए प्रदर्शनकारियों को बुला रहे थे। इसी दौरान सीआईएसएफ के एक अधिकारी द्वारा कथित रूप से गाली-गलौज किए जाने के बाद स्थिति बिगड़ गई और जवानों ने प्रदर्शनकारियों को “दौड़ा-दौड़ा कर पीटा”। लाठीचार्ज के बाद घायल प्रदर्शनकारियों को जबरन दीपका थाना ले जाया गया। हालांकि, बड़ी संख्या में ग्रामीण थाने पहुंचकर सीआईएसएफ पर कार्रवाई की मांग करने लगे। इस पर थाना प्रभारी प्रेमचंद साहू ने घायलों के मुलाहिजे और जांच का आश्वासन दिया।
छत्तीसगढ़ किसान सभा के प्रदेश संयुक्त सचिव प्रशांत झा ने इस कार्रवाई को एसईसीएल प्रबंधन के इशारे पर हुआ “निंदनीय कृत्य” बताया। उन्होंने कहा कि जब तक प्रभावित परिवारों को रोजगार, पुनर्वास और मुआवजे की समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता, तब तक खदान विस्तार नहीं होने दिया जाएगा। किसान सभा ने चेतावनी दी है कि जबरन खदान विस्तार की कोशिशें हुईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
किसान सभा के जिला सचिव दीपक साहू ने कहा, “बंदूक और लाठी की नोंक पर खदान विस्तार नहीं होगा। पहले विस्थापितों को उनका हक देना जरूरी है।” प्रदर्शन में गेवरा क्षेत्र के कई प्रभावित गांवों के ग्रामीण शामिल हुए। किसान सभा अब आगे की रणनीति तय करने के लिए बैठक बुलाने जा रही है।