24 नवंबर को पदभार ग्रहण करेंगे जस्टिस सूर्यकांत, रहेगा लगभग 14 महीने का कार्यकाल; 2019 में बने थे सुप्रीम कोर्ट के जज
सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा मुख्य न्यायाधीश (CJI) भूषण आर. गवई ने अपने उत्तराधिकारी के रूप में जस्टिस सूर्यकांत के नाम की सिफारिश केंद्र सरकार को भेज दी है। इसके साथ ही देश के 53वें मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। जस्टिस सूर्यकांत 24 नवंबर को नए CJI के रूप में शपथ लेंगे और उनका कार्यकाल फरवरी 2027 तक रहेगा।
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश भूषण आर. गवई ने सोमवार को केंद्र सरकार को पत्र भेजकर अपने उत्तराधिकारी के तौर पर वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत का नाम प्रस्तावित किया है। परंपरा के अनुसार, मौजूदा CJI अपने कार्यकाल के अंत में केंद्र के आग्रह पर अगले मुख्य न्यायाधीश के नाम की अनुशंसा करते हैं।
मुख्य न्यायाधीश गवई का कार्यकाल 23 नवंबर 2025 को समाप्त हो रहा है। इसके अगले दिन, यानी 24 नवंबर को जस्टिस सूर्यकांत देश के 53वें CJI के रूप में शपथ ग्रहण करेंगे। वे 9 फरवरी 2027 तक पद पर बने रहेंगे। उनका कार्यकाल लगभग 14 महीने का होगा।
जस्टिस सूर्यकांत का जन्म 10 फरवरी 1962 को हरियाणा के हिसार में हुआ। उन्होंने 1981 में हिसार के स्टेट पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज से स्नातक और 1984 में रोहतक की महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी से एलएलबी की डिग्री प्राप्त की। उसी वर्ष उन्होंने हिसार जिला न्यायालय से वकालत की शुरुआत की और 1985 से पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करने लगे।
मार्च 2001 में उन्हें सीनियर एडवोकेट का दर्जा मिला। 9 जनवरी 2004 को वे पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में स्थायी न्यायाधीश बने। इससे पहले वे हरियाणा के एडवोकेट जनरल भी रह चुके हैं। जस्टिस सूर्यकांत को 24 मई 2019 को सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया था।