चुनाव आयोग ने 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की समयसीमा बदली; ड्राफ्ट लिस्ट अब 16 दिसंबर को जारी होगी
चुनाव आयोग ने स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के तहत चल रही मतदाता सूची के सत्यापन प्रक्रिया की समय सीमा बढ़ा दी है। अब वोटर वेरिफिकेशन 11 दिसंबर तक किया जाएगा, जबकि अंतिम मतदाता सूची 14 फरवरी 2026 को प्रकाशित होगी। आयोग के मुताबिक घर-घर पहुंचाए गए गणना फॉर्मों का 79% डिजिटलीकरण पूरा हो चुका है।
नई दिल्ली (ए)। देश के 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में जारी स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) की प्रक्रिया में चुनाव आयोग ने बड़ा बदलाव किया है। आयोग ने शनिवार को घोषणा की कि मतदाता सूची के सत्यापन का समय एक सप्ताह बढ़ा दिया गया है। अब एन्यूमरेशन पीरियड 11 दिसंबर तक चलेगा, जो पहले 4 दिसंबर तक निर्धारित था।
इसके साथ ही पहला ड्राफ्ट मतदाता सूची अब 16 दिसंबर को जारी होगी। पहले इसकी तारीख 9 दिसंबर तय थी। अंतिम सूची 14 फरवरी 2026 को प्रकाशित की जाएगी।
28 अक्टूबर से चल रहा है राज्यभर में SIR अभियान
बिहार के बाद देशभर के 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में 28 अक्टूबर से SIR अभियान शुरू किया गया था। इस प्रक्रिया में—
- नए मतदाताओं के नाम जोड़े जा रहे हैं,
- गलत एवं त्रुटिपूर्ण प्रविष्टियों को सुधारा जा रहा है,
- मृत, स्थानांतरित या दोहराए गए नाम हटाए जा रहे हैं।
आयोग ने बताया कि पारदर्शी और त्रुटिरहित सूची तैयार करना उद्देश्य है, इसलिए समयसीमा बढ़ाई गई है।
गणना फॉर्म 99.53% घरों तक पहुंचे
चुनाव आयोग की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, देशभर में करीब 51 करोड़ मतदाताओं के लिए बनाए गए गणना फॉर्मों में से 99.53% फॉर्म लोगों तक पहुंचा दिए गए हैं।
इनमें से लगभग 79% फॉर्म का डिजिटलीकरण पूरा किया जा चुका है। इसका मतलब है कि बीएलओ द्वारा घर-घर से लिए गए नाम, पते और व्यक्तिगत विवरण अब लगभग पूरी तरह ऑनलाइन दर्ज हो चुके हैं।
वोटर लिस्ट अपडेट का लक्ष्य—त्रुटिरहित और समावेशी सूची
आयोग ने कहा कि नए मतदाताओं की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करना, पुराने रिकॉर्ड को दुरुस्त करना और संशोधित मतदाता सूची को पूरी तरह पारदर्शी बनाना SIR प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य है।