सावधान! फोन पर आए ‘गलती से आए पैसे’ वाले मैसेज तो भूलकर भी न करें ये काम; साइबराबाद और तमिलनाडु पुलिस की बड़ी चेतावनी, अब लिंक क्लिक करते ही उड़ जाएगी जीवन भर की कमाई!
तमिलनाडु और तेलंगाना(ए)। “नमस्कार! अगर आप समझते हैं कि किसी को अपना OTP न बताकर आप सुरक्षित हैं, तो आप बहुत बड़ी गलतफहमी में हैं। सावधान हो जाइए! साइबर अपराधियों ने ठगी का एक ऐसा ‘ब्रह्मास्त्र’ तैयार किया है, जिसे सुनकर आपके पैरों तले जमीन खिसक जाएगी। इसे नाम दिया गया है ‘जंप्ड डिपॉजिट स्कैम’ (Jumped Deposit Scam)। अब ठग आपकी ईमानदारी का शिकार कर रहे हैं। बिना कोई ऐप डाउनलोड किए, बिना कोई ओटीपी बताए, सिर्फ एक क्लिक और आपका बैंक बैलेंस ‘जीरो’!
क्या है ‘Jumped Deposit’? ईमानदारी का फायदा उठा रहे शिकारी
कल्पना कीजिए, अचानक आपके फोन पर 5,000 रुपये जमा होने का मैसेज आता है। थोड़ी ही देर में एक अनजान नंबर से फोन आता है— “सर, गलती से पैसे आपके अकाउंट में चले गए हैं, मैं गरीब आदमी हूँ, प्लीज वापस कर दीजिए।” * जाल का बिछना: आपकी दयालुता को भांपते हुए ठग आपको एक लिंक भेजता है और कहता है कि इस पर क्लिक करके बस अपना बैलेंस चेक कर लें या पैसे वापस कर दें।
मौत का लिंक: जैसे ही आप उस लिंक पर क्लिक करते हैं, वह आपको सीधे आपके Google Pay या PhonePe पर ले जाता है।
एक पिन और सब खत्म: आप अपना बैलेंस देखने के लिए जैसे ही UPI PIN डालते हैं, पैसे वापस होने के बजाय आपके खाते से 50,000 या उससे भी ज्यादा की रकम साफ हो जाती है!
NPCI के नियमों का गलत इस्तेमाल: कैसे काम करता है यह ‘रिवर्सल रिक्वेस्ट’?
तमिलनाडु और साइबराबाद की साइबर विंग ने इस बड़े फ्रॉड का पर्दाफाश किया है। दरअसल, यह पूरा खेल NPCI के रिवर्सल रिक्वेस्ट नियमों पर टिका है।
छिपी हुई रिक्वेस्ट: अपराधी एक बड़ी रकम के लिए ‘रिवर्सल रिक्वेस्ट’ जेनरेट करते हैं और उसे एक साधारण से दिखने वाले ‘बैलेंस चेक’ लिंक के पीछे छिपा देते हैं।
साइकोलॉजिकल अटैक: ठगों को पता है कि अकाउंट में पैसे आने की खबर सुनकर आप तुरंत बैलेंस चेक करेंगे। जैसे ही आप अपना गुप्त PIN डालते हैं, आप अनजाने में उस बड़ी रकम की रिक्वेस्ट को ‘Approve’ कर देते हैं।
खुद को कैसे बचाएं?
साइबर एक्सपर्ट्स और पुलिस ने इस नए खतरे से बचने के लिए सख्त गाइडलाइंस जारी की हैं:
30 मिनट का ‘गोल्डन रूल’: अगर कोई कहे कि पैसे गलती से आ गए हैं, तो अगले 30 मिनट तक अपना कोई भी UPI ऐप न खोलें। इससे रिवर्सल रिक्वेस्ट की टाइम लिमिट खत्म हो जाएगी।
लिंक से तौबा: बैलेंस चेक करने के लिए कभी भी किसी के भेजे गए लिंक पर क्लिक न करें। हमेशा ऐप को सीधे मैन्युअली खोलकर ही चेक करें।
पिन (PIN) ही सुरक्षा है: याद रखें, पैसे प्राप्त (Receive) करने के लिए कभी पिन डालने की जरूरत नहीं होती। अगर कोई पिन मांग रहा है, तो समझो वो ठग है।
बैंक का रास्ता दिखाएं: अगर सच में किसी के पैसे आपके पास आ गए हैं, तो उससे कहें कि वह बैंक में शिकायत दर्ज कराए। कानूनी प्रक्रिया के तहत ही पैसे वापस होने दें।
“कुल मिलाकर इस नए ‘जंप्ड डिपॉजिट स्कैम’ का सबसे खतरनाक पहलू यह है कि यह आपकी ईमानदारी को हथियार बनाता है। डिजिटल युग में तकनीक जितनी तेजी से आगे बढ़ रही है, ठग उससे भी दो कदम आगे चलने की कोशिश कर रहे हैं। अब सुरक्षित रहने का एकमात्र तरीका यही है कि हम अपनी भावनाओं और जल्दबाजी पर नियंत्रण रखें। याद रखें, बैंक या कोई भी आधिकारिक संस्था आपसे कभी भी ‘लिंक’ के जरिए लेनदेन करने या पिन डालने को नहीं कहेगी। आपकी एक छोटी सी सावधानी—जैसे कि अनजान लिंक पर क्लिक न करना और बिना आधिकारिक पुष्टि के पैसे वापस न करना—आपको और आपके परिवार को इस डिजिटल डकैती से बचा सकती है। याद रखिए, आपकी मेहनत की कमाई पर सिर्फ आपका हक है, किसी शातिर ठग का नहीं। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें!”