खाना फेंकने की मामूली बात पर बेकाबू हुआ बेटा, हाथ-मुक्कों से जानलेवा हमला; लहूलुहान पिता थाने पहुंचे, बेटे पर FIR
दुर्ग-भिलाई (ए)। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने पिता-पुत्र के पवित्र रिश्ते को झकझोर कर रख दिया है। पीडब्ल्यूडी विभाग में पदस्थ एक उप अभियंता को उनके ही बेटे ने बेरहमी से पीटा और घसीटते हुए घर से बाहर निकाल दिया। यह घटना सिर्फ घरेलू विवाद नहीं, बल्कि गंभीर पारिवारिक हिंसा का मामला बन चुकी है। घायल पिता को अपमान और दर्द के बीच थाने जाना पड़ा। मामला सुपेला थाना क्षेत्र के स्मृतिनगर चौकी का है। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर ली है और जांच शुरू कर दी गई है। घटना के बाद इलाके में भी चर्चा का माहौल है।
25 दिसंबर की दोपहर, घर में शुरू हुआ विवाद
यह घटना 25 दिसंबर की दोपहर करीब 3 बजे की बताई जा रही है। पीड़ित मोहन लाल प्रजापति, जो दुर्ग पीडब्ल्यूडी में उप अभियंता के पद पर पदस्थ हैं, उस समय अपने घर पर मौजूद थे। उनकी पत्नी जुमता प्रजापति उनके लिए खाना परोसकर लाई थीं। इसी दौरान किसी बात को लेकर मोहन लाल नाराज हो गए। गुस्से में उन्होंने खाना फेंक दिया और कह दिया कि वे खाना नहीं खाएंगे। यह बात उनके बेटे विनय कुमार प्रसाद को नागवार गुजरी। इसी छोटी-सी बात ने बड़े विवाद का रूप ले लिया।
पिता की नाराजगी पर बेटे का गुस्सा बेकाबू
खाना फेंके जाने के बाद बेटे विनय कुमार ने पहले पिता से बहस की। शुरुआत में विवाद सिर्फ कहासुनी तक सीमित था। लेकिन कुछ ही पलों में बेटे का गुस्सा बेकाबू हो गया। पीड़ित पिता के मुताबिक, बेटे ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद उसने हाथ-मुक्कों से मारपीट शुरू कर दी। अचानक हुए इस हमले से मोहन लाल संभल भी नहीं पाए। घर के अंदर अफरा-तफरी मच गई। परिवार के अन्य सदस्य भी डर के मारे कुछ नहीं कर पाए।
बेटे ने पिता को बेरहमी से पीटा, घसीटकर बाहर निकाला
मारपीट के दौरान बेटे ने सारी हदें पार कर दीं। आरोप है कि विनय कुमार ने अपने ही पिता को जबरन घसीटते हुए घर से बाहर निकाल दिया। इस दौरान मोहन लाल जमीन पर गिर पड़े। उन्हें चेहरे के बाएं हिस्से और दाहिने हाथ में गंभीर चोट आई है। पीड़ित को काफी दर्द और सूजन है। उन्होंने बताया कि घटना के समय आसपास के लोग मौजूद थे। लोगों ने मारपीट की आवाजें सुनीं और पूरी घटना देखी। यह दृश्य देखकर मोहल्ले के लोग भी स्तब्ध रह गए।
घायल हालत में थाने पहुंचे पिता, बेटे पर लगाए गंभीर आरोप
मारपीट के बाद घायल मोहन लाल प्रजापति ने हिम्मत जुटाई और सीधे सुपेला थाना अंतर्गत स्मृतिनगर चौकी पहुंचे। उन्होंने पुलिस को पूरी घटना विस्तार से बताई। पिता ने अपने ही बेटे के खिलाफ मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। पीड़ित को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया है। चोटों की पुष्टि रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया है।
पहले भी हो चुके हैं पिता-पुत्र में विवाद
पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि पिता और बेटे के बीच पहले भी कई बार विवाद हो चुका है। हालांकि, पहले कभी मामला इस हद तक नहीं पहुंचा था। इस बार विवाद हिंसा और गंभीर चोट तक पहुंच गया। पुलिस अब परिवार के अन्य सदस्यों से पूछताछ कर रही है। साथ ही घटना के समय मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। यह जानने की कोशिश की जा रही है कि विवाद की असली वजह क्या थी। जांच कई एंगल से की जा रही है।
पुलिस बोली—कानून सभी के लिए बराबर
स्मृतिनगर चौकी पुलिस का कहना है कि मामले में विधिवत अपराध दर्ज कर लिया गया है। मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद धाराएं तय की जाएंगी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून सबके लिए समान है। आरोपी चाहे किसी का भी बेटा क्यों न हो, कार्रवाई कानून के अनुसार होगी। फिलहाल जांच जारी है। पुलिस का दावा है कि सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामले पर वरिष्ठ अधिकारी भी नजर बनाए हुए हैं।
यह घटना समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है। छोटी-सी घरेलू बात का हिंसा में बदल जाना रिश्तों में बढ़ती कड़वाहट को दिखाता है। एक पिता को अपने ही बेटे के खिलाफ थाने जाना पड़े, यह बेहद दुखद और शर्मनाक है। यह मामला सिर्फ कानून का नहीं, बल्कि सामाजिक सोच का भी है। फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि इस मामले में क्या कानूनी कार्रवाई होती है। पूरे इलाके की नजरें अब पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं।