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पांच दिवसीय दिव्य हनुमंत कथा का गुरु घासीदास बाबा की आरती के साथ समापन
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अंतिम दिन उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब
भिलाई-दुर्ग में आयोजित पांच दिवसीय दिव्य हनुमंत कथा का समापन गहरी आस्था और आध्यात्मिक उल्लास के साथ हुआ। अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त कथावाचक पंडित धीरेंद्र शास्त्री (बागेश्वर पीठ) ने कहा कि बजरंग बली की सच्ची भक्ति से भक्त को प्रभु श्रीराम और माता सीता—तीनों का आशीर्वाद प्राप्त होता है, क्योंकि हनुमान जी के हृदय में राम-सीता सदा विराजमान हैं।
भिलाई-दुर्ग। सेवा समर्पण संस्था के तत्वावधान में जयंती स्टेडियम मैदान के पास 25 दिसंबर से आयोजित पांच दिवसीय दिव्य हनुमंत कथा का अंतिम दिन ऐतिहासिक बन गया। कथा स्थल से लेकर आसपास के क्षेत्रों तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लाल कपड़ा और नारियल लेकर हजारों भक्त बागेश्वर पीठ में अर्जी लगाने पहुंचे।

पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने अपने प्रवचन में कहा कि हनुमान जी कलयुग के देवता हैं। जो भक्त संकट मोचन की आराधना करता है, उसे बजरंग बली के साथ-साथ प्रभु श्रीराम और माता सीता की भी कृपा स्वतः प्राप्त होती है। उन्होंने हनुमान चालीसा की चौपाई “प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया, राम लखन सीता मन बसिया” की व्याख्या करते हुए इसे भक्ति का सर्वोच्च स्वरूप बताया।

✦ सामाजिक समरसता और नशामुक्ति का संदेश
पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने श्रद्धालुओं से धर्म, परमार्थ और राष्ट्र के लिए कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बाबा गुरु घासीदास के “मनखे-मनखे एक समान” के संदेश को हनुमान जी ने भी चरितार्थ किया, जब उन्होंने प्रभु श्रीराम के कार्य हेतु वानरों और वनवासी जीवों को एक सूत्र में बांधा।
उन्होंने समाज से ऊंच-नीच और भेदभाव से ऊपर उठकर दीन-दुखियों की सेवा करने, नशे का त्याग करने और प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करने की अपील की।
✦ राजनैतिक व सामाजिक हस्तियों की उपस्थिति
कथा के अंतिम दिन दर्शन और आशीर्वाद लेने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण देव सिंह, कैबिनेट मंत्री टंक राम वर्मा, राजेश अग्रवाल, खुशवंत साहेब, विधायक अमर अग्रवाल, डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, महिला आयोग सदस्य लक्ष्मी वर्मा, पिंकी ध्रुव, शालिनी राजपूत, सरला कोसरिया सहित अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक पहुंचे।
इस अवसर पर भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज पाण्डेय, आयोजन संयोजक राकेश पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने गुरु घासीदास बाबा की आरती में भाग लेकर कथा का समापन किया।
✦ आयोजन समिति को सराहना
समापन अवसर पर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने आयोजन समिति को उत्कृष्ट व्यवस्था और अनुशासन के लिए बधाई दी और कहा कि यदि समाज सनातन मूल्यों को अपनाकर सेवा भाव से कार्य करे, तो श्रीराम और हनुमान जी की कृपा सहज ही प्राप्त होती है।