सर्द हवाओं का कहर होगा बेअसर; जब रसोई की ये छोटी सी चीज़ बनेगी आपका ‘विंटर प्रोटेक्शन शील्ड’। अस्थमा, सर्दी-जुकाम और जकड़े हुए घुटनों के लिए आयुर्वेद का सबसे बड़ा चमत्कार—जानें अजवाइन के 7 जादुई फायदे!
रायपुर/भिलाई। उत्तर भारत से लेकर पूरे छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड ने दस्तक दे दी है। जैसे-जैसे पारा गिर रहा है, वैसे-वैसे अस्पतालों में ओपीडी की कतारें लंबी होती जा रही हैं। कोई सर्दी-खांसी से बेहाल है, तो कोई जोड़ों की जकड़न से परेशान। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस ‘अजवाइन’ को आप अपनी रसोई में एक साधारण मसाला समझते हैं, वह असल में सर्दियों के लिए आयुर्वेद का सबसे घातक हथियार है? खबर को अंत तक देखिएगा, क्योंकि इसकी एक बूंद आपको आईसीयू की दहलीज से वापस ला सकती है।
शरीर का ‘इंटरनल कुदरती हीटर’: खून की एक-एक बूंद में भर देगी गर्मी
जैसे ही तापमान 10 डिग्री से नीचे गिरता है, हमारे शरीर का रक्त संचार धीमा पड़ने लगता है, हाथ-पैर नीले पड़ने लगते हैं और शरीर के अंग सुन्न होने लगते हैं। आयुर्वेद के विशेषज्ञों का मानना है कि अजवाइन की तासीर ‘उष्ण वीर्य’ यानी प्रचंड गर्म होती है। जब आप सुबह खाली पेट अजवाइन का गुनगुना पानी पीते हैं, तो यह सीधे आपके मेटाबॉलिज्म पर प्रहार करता है और शरीर के अंदर एक रासायनिक प्रतिक्रिया शुरू होती है जिससे थर्मल एनर्जी पैदा होती है। यह ऊर्जा आपके शरीर को अंदर से इतना गर्म कर देती है कि बाहर की कड़कड़ाती बर्फीली हवाएं भी आपके शरीर को छू नहीं पातीं। यह उन लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है जिन्हें ठंड बहुत जल्दी लगती है या जिनके हाथ-पांव हमेशा बर्फ की तरह ठंडे रहते हैं।
छाती में जमे ‘बलगम का काल’: पुरानी से पुरानी खांसी का अंत
सर्दियों के मौसम में सबसे ज्यादा खतरा हमारे फेफड़ों को होता है। प्रदूषित हवा और ठंड मिलकर छाती में कफ का ऐसा ‘जाम’ लगा देते हैं कि सांस लेना दूभर हो जाता है। विशेषकर अस्थमा और ब्रोंकाइटिस के मरीजों के लिए यह समय किसी काल से कम नहीं होता। यहाँ अजवाइन एक ‘नेचुरल फिल्टर’ की तरह काम करती है। अजवाइन के अंदर मौजूद ‘थायमोल’ नामक तेल फेफड़ों की नली को फैला देता है और जमी हुई बलगम को पिघलाकर बाहर निकाल फेंकता है। यदि आप भुनी हुई अजवाइन की पोटली से अपनी छाती की सिकाई करते हैं, तो यह किसी महंगे इनहेलर से भी तेज़ असर दिखाती है। यह आपके रेस्पिरेटरी सिस्टम को एक नया जीवन दान देती है और रात भर होने वाली बेचैन करने वाली खांसी को जड़ से खत्म कर देती है।
जोड़ों का दर्द और विंटर स्टिफनेस: अब घुटने नहीं, आप दौड़ेंगे!
बुजुर्गों के लिए ठंड का मतलब है—हड्डियों को चीर देने वाला दर्द। पारा गिरते ही जोड़ों के बीच का लुब्रिकेशन कम होने लगता है और यूरिक एसिड के क्रिस्टल्स जमा होने लगते हैं, जिससे चलना-फिरना भी दूभर हो जाता है। अजवाइन में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी और एनेस्थेटिक गुण जोड़ों की सूजन को सोख लेते हैं। जब आप नियमित रूप से अजवाइन के पानी का सेवन करते हैं, तो यह शरीर से टॉक्सिन्स और अतिरिक्त यूरिक एसिड को पेशाब के जरिए बाहर निकाल देता है। यह घुटनों, कमर और गर्दन की जकड़न को ऐसे खत्म करता है जैसे कभी दर्द था ही नहीं। यह उन लोगों के लिए ‘देसी पेनकिलर’ है जो दवाओं के साइड इफेक्ट्स से बचना चाहते हैं।
विंटर हार्ट अटैक से सुरक्षा: नसों में जमा नहीं होगा खून का थक्का
ठंड के मौसम में हार्ट अटैक के मामले 40% तक बढ़ जाते हैं क्योंकि कम तापमान के कारण हमारी रक्त वाहिकाएं (Arteries) सिकुड़ जाती हैं और खून गाढ़ा होने लगता है। अजवाइन यहाँ एक ‘लाइफ सेवर’ की भूमिका निभाती है। यह खून को प्राकृतिक रूप से पतला रखती है और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करती है। अजवाइन का सेवन दिल की धड़कन को सामान्य बनाए रखने में मदद करता है और नसों के तनाव को कम करता है। इसे अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाकर आप सर्दियों में होने वाले साइलेंट किलर यानी हार्ट अटैक के खतरे को काफी हद तक कम कर सकते हैं।
पाचन तंत्र बनेगा लोहे जैसा: भारी खाने की टेंशन खत्म
ठंड के दिनों में अक्सर हम तला-भुना, भारी खाना और मीठा ज्यादा खाते हैं। कम शारीरिक गतिविधि के कारण हमारा पाचन तंत्र सुस्त पड़ जाता है, जिससे कब्ज और एसिडिटी की समस्या विकराल रूप ले लेती है। अजवाइन आपके पेट के ‘गैस्ट्रिक जूसेस’ को एक्टिव करती है। चाहे आपने कितना भी भारी भोजन क्यों न किया हो, एक चुटकी अजवाइन और काला नमक उसे कुछ ही घंटों में पचाकर शरीर को ऊर्जा दे देता है। यह आपके लीवर को डिटॉक्स करती है और आंतों की दीवारों को साफ करती है, जिससे सुबह पेट साफ न होने की गंभीर समस्या हमेशा के लिए खत्म हो जाती है।
कल सुबह से ही शुरू करें अपनी ‘स्वस्थ क्रांति’! “तो दोस्तों, याद रखिए कि दवाइयों की दुकान पर जाने से पहले अपनी रसोई की ओर रुख करें। प्रकृति ने हमें इलाज के सबसे बेहतरीन साधन मुफ्त में दिए हैं, बस ज़रूरत है तो सही जानकारी की। अगर आपको Panchayatilala News की यह ‘लाइफ-सेविंग’ रिपोर्ट पसंद आई हो, तो इसे Share बटन दबाकर अपने हर ग्रुप में पहुंचाएं। आपका एक शेयर किसी बुजुर्ग की रात की नींद को दर्द से बचा सकता है और किसी बीमार को नई राह दिखा सकता है। स्वास्थ्य की ऐसी ही सनसनीखेज जानकारियों के लिए हमसे जुड़े रहें!”