विधायक के सरकारी बंगले में घटी खौफनाक वारदात: लहूलुहान हालत में सुमित्रा बघेल को महारानी अस्पताल के ICU में कराया गया भर्ती
बस्तर (ए)। छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले से एक बेहद चौंकाने वाली और दुखद खबर सामने आई है। बस्तर विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस विधायक और बस्तर विकास प्राधिकरण के पूर्व अध्यक्ष लखेश्वर बघेल की पत्नी, सुमित्रा बघेल ने मंगलवार सुबह अपने सरकारी निवास पर आत्महत्या करने का प्रयास किया। घटना उस वक्त की है जब बंगले में कर्मचारी अपने दैनिक कार्यों में व्यस्त थे। बताया जा रहा है कि सुमित्रा बघेल ने एक धारदार चाकू से पहले अपने हाथों की नसें काटीं और फिर अपने गले पर भी वार कर लिया। चीख-पुकार सुनकर जब बंगले का स्टाफ उनके कमरे की ओर दौड़ा, तो उन्हें फर्श पर लहूलुहान और अचेत अवस्था में पाया। कर्मचारियों ने बिना देरी किए उन्हें जगदलपुर के महारानी अस्पताल पहुँचाया, जहाँ डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें तुरंत आईसीयू (ICU) में शिफ्ट कर दिया। फिलहाल विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उनकी निगरानी कर रही है और उनकी हालत अभी स्थिर लेकिन चिंताजनक बनी हुई है।
मानसिक अवसाद और मां के वियोग की सामने आई बड़ी वजह: सुमित्रा बघेल ने पुलिस को दिए बयान में बयां किया अपना दर्द
इस संवेदनशील मामले में पुलिस ने सुमित्रा बघेल की स्थिति में थोड़ा सुधार होने पर उनका प्रारंभिक बयान दर्ज किया है। अपने बयान में उन्होंने इस खौफनाक कदम को उठाने के पीछे एक गहरी भावनात्मक वजह बताई है। सुमित्रा बघेल के अनुसार, इसी साल अगस्त महीने में उनकी माता का निधन हो गया था, जिसे वह बर्दाश्त नहीं कर पा रही थीं। मां के जाने के बाद से ही वे गहरे मानसिक तनाव और अवसाद (Depression) की स्थिति में थीं। उन्होंने बताया कि मंगलवार सुबह अचानक मानसिक पीड़ा इतनी बढ़ गई कि उन्होंने खुद को खत्म करने के इरादे से चाकू उठा लिया। पुलिस अब उनके मेडिकल रिकॉर्ड्स की भी जांच कर रही है ताकि यह समझा जा सके कि क्या वह पहले से ही किसी मनोरोग विशेषज्ञ से परामर्श ले रही थीं। यह घटना मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और अपनों के साथ भावनात्मक जुड़ाव की आवश्यकता को एक बार फिर रेखांकित करती है।
बावर्ची का बयान और पुलिस की गहन तफ्तीश: सरकारी बंगले में मौजूद चश्मदीदों से पूछताछ के साथ हर पहलू की बारीकी से जांच
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की एक टीम विधायक निवास और अस्पताल पहुँची। इस मामले में पुलिस ने बंगले में कार्यरत बावर्ची का बयान भी दर्ज किया है, जो घटना के समय वहीं मौजूद था। बावर्ची ने पुलिस को बताया कि सुमित्रा बघेल पिछले कुछ समय से काफी शांत और परेशान दिख रही थीं और मंगलवार को उन्होंने खुद को ही नुकसान पहुँचाने की कोशिश की। जगदलपुर सीएसपी सुमित कुमार ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि शुरुआती जांच और पीड़िता के बयान से यह मामला स्पष्ट तौर पर आत्महत्या के प्रयास का लग रहा है। हालांकि, पुलिस केवल बयान तक सीमित नहीं है; फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स और जांच अधिकारी अन्य सभी संभावित पहलुओं, जैसे कि कोई पारिवारिक विवाद या बाहरी दबाव, की भी गंभीरता से जांच कर रहे हैं। गले पर आया घाव काफी गहरा है, जिसकी वजह से उनके स्वास्थ्य पर पुलिस की पैनी नजर बनी हुई है।
विधायक लखेश्वर बघेल की रहस्यमयी चुप्पी और अस्पताल से दूरी: राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म, कांग्रेसी नेताओं का लगा जमावड़ा
इस पूरे घटनाक्रम में जो बात सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बनी हुई है, वह है विधायक लखेश्वर बघेल का आचरण। खबर है कि घटना के बाद से लेकर अब तक विधायक एक बार भी अपनी पत्नी का हाल जानने अस्पताल नहीं पहुँचे हैं। उनकी पत्नी आईसीयू में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रही हैं, लेकिन विधायक की अस्पताल से दूरी कई अनुत्तरित सवाल खड़े कर रही है। हालांकि, घटना की जानकारी मिलते ही बस्तर संभाग के तमाम बड़े कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ताओं का महारानी अस्पताल में तांता लग गया है। राजनीतिक गलियारों में इस बात को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं कि आखिर ऐसी क्या वजह है कि विधायक अपने परिवार के इस संकटपूर्ण समय में सामने नहीं आ रहे हैं। फिलहाल विधायक की ओर से इस पूरे मामले पर कोई भी आधिकारिक बयान या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिससे रहस्य और गहरा गया है।
प्रशासन और डॉक्टरों की विशेष टीम अलर्ट पर: बस्तर पुलिस मामले की तह तक जाने के लिए जुटा रही है अन्य साक्ष्य
महारानी अस्पताल परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो। डॉक्टरों के अनुसार, सुमित्रा बघेल के गले की सर्जरी और उपचार के बाद अब वह खतरे से बाहर हैं, लेकिन उन्हें अभी भी पूर्ण विश्राम और मनोवैज्ञानिक देखभाल की जरूरत है। बस्तर पुलिस का कहना है कि वे इस मामले में जल्दबाजी में किसी नतीजे पर नहीं पहुँचना चाहते। पुलिस टीम विधायक निवास के सीसीटीवी फुटेज और हाल के दिनों में सुमित्रा बघेल की फोन कॉल डिटेल्स की भी जांच कर सकती है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि आत्महत्या की कोशिश के पीछे सिर्फ मां का वियोग ही कारण था या कुछ और। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।