पिछले साल से 28% ज्यादा सरप्लस; फॉरेन एक्सचेंज कमाई और खर्च में कमी से आई उछाल, सरकार को मिलेगा वित्तीय मजबूती का सहारा
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए केंद्र सरकार को ₹2.69 लाख करोड़ का रिकॉर्ड सरप्लस ट्रांसफर करने की मंजूरी दे दी है। यह पिछले वित्त वर्ष से 28% अधिक है, जब ₹2.10 लाख करोड़ ट्रांसफर किया गया था। यह सरप्लस ट्रांसफर देश की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
नई दिल्ली (ए)। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने अपने 616वें केंद्रीय निदेशक मंडल की बैठक में एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए केंद्र सरकार को ₹2.69 लाख करोड़ का सरप्लस ट्रांसफर करने की स्वीकृति दी है। यह अब तक का सबसे बड़ा वार्षिक सरप्लस ट्रांसफर है, जो वित्त वर्ष 2024-25 के लिए तय किया गया है। हालांकि यह राशि सरकार के खातों में वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान दिखाई देगी।
इस सरप्लस की गणना RBI की कुल आय और व्यय के बीच के अंतर के आधार पर की जाती है। रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 47 के तहत, RBI रिटेन्ड अर्निंग और आवश्यक प्रावधान के बाद शेष राशि सरकार को ट्रांसफर करता है।
RBI की आय के प्रमुख स्रोत:
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विदेशी और घरेलू प्रतिभूतियों से ब्याज आय
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विभिन्न वित्तीय सेवाओं से फीस और कमीशन
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विदेशी मुद्रा लेनदेन से लाभ
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अपनी सब्सिडियरी और एसोसिएट कंपनियों से रिटर्न
RBI के प्रमुख खर्च:
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करेंसी नोटों की छपाई पर खर्च
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जमाओं और उधारी पर ब्याज भुगतान
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कर्मचारियों के वेतन और पेंशन
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कार्यालय संचालन व अन्य परिचालन व्यय
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आकस्मिक आवश्यकताओं और मूल्य ह्रास के लिए प्रावधान
विशेषज्ञों के अनुसार, इस साल सरप्लस में हुई वृद्धि का मुख्य कारण फॉरेन एक्सचेंज होल्डिंग्स से हुई बेहतर कमाई और नियंत्रित खर्च रहा। यह अतिरिक्त राजस्व सरकार को वित्तीय घाटा कम करने, नई योजनाओं में निवेश बढ़ाने और विनिवेश लक्ष्य अधूरा रहने के कारण राजस्व में आई कमी की भरपाई में मदद करेगा।