ग्राहकों को मिल सकती है बड़ी राहत, दिवालिया स्थिति में भी अब मिलेंगे 10 लाख तक — वित्त मंत्रालय कर रहा है विचार
अगर आपकी मेहनत की कमाई बैंक खाते में सुरक्षित रखी है, तो अब आपको चिंता की कोई जरूरत नहीं। सरकार बैंक में जमा पैसों की बीमा सुरक्षा को दोगुना करने की तैयारी में है। मौजूदा ₹5 लाख की बीमा सीमा को बढ़ाकर ₹10 लाख किए जाने पर गंभीरता से विचार चल रहा है।
नई दिल्ली (ए)। केंद्र सरकार बैंक खाताधारकों को बड़ी राहत देने की तैयारी में है। बैंक में जमा रकम पर मिलने वाली बीमा सुरक्षा को ₹5 लाख से बढ़ाकर ₹10 लाख तक किया जा सकता है। बिजनेस स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अगले छह महीनों में इस पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है। वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस पर सक्रियता से काम हो रहा है।
बता दें कि यह बीमा जमा बीमा और ऋण गारंटी निगम (DICGC) द्वारा दिया जाता है, जो भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की पूर्ण स्वामित्व वाली इकाई है। यह देशभर के वाणिज्यिक, ग्रामीण, सहकारी और स्थानीय बैंकों में जमा पैसों की सुरक्षा सुनिश्चित करती है।
फरवरी में वित्तीय सेवाओं के सचिव एम. नागराजू ने भी कहा था कि इस प्रस्ताव पर विचार जारी है और कैबिनेट की मंजूरी के बाद इसे अधिसूचित किया जाएगा। वित्त मंत्रालय यह तय कर रहा है कि बीमा सीमा बढ़ने से कितने खाताधारकों को लाभ होगा और सरकार इसके लिए कितनी गारंटी देने की स्थिति में है।
हालांकि आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने हाल ही में स्पष्ट किया कि फिलहाल ऐसा कोई औपचारिक प्रस्ताव नहीं है, लेकिन उन्होंने यह भी बताया कि मौजूदा ₹5 लाख की बीमा सीमा के तहत लगभग 97% खाताधारक पहले से ही कवर हो रहे हैं।
भारत में यह योजना पहली बार 1962 में शुरू हुई थी, जब बीमा सीमा ₹1,500 थी। समय के साथ यह सीमा कई बार बढ़ाई गई — 1976 में ₹20,000, 1980 में ₹30,000, 1993 में ₹1 लाख और 2020 में पंजाब एंड महाराष्ट्र सहकारी बैंक संकट के बाद इसे ₹5 लाख किया गया था।
अब उम्मीद की जा रही है कि सरकार एक बार फिर खाताधारकों की सुरक्षा को और मज़बूत करते हुए इस सीमा को ₹10 लाख तक बढ़ा सकती है।